फतेउल्लाहपुर के हाला हरीहरपुर गांव में खुरपी केंद्र पर गरीबों के लिए नि:शुल्क भोजनालय।
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फतेउल्लाहपुर के हाला हरिहरपुर गांव में खुरपी केंद्र पर गरीबों के लिए नि:शुल्क भोजनालय प्रभु की रसोई चल रही है। पिछले दो दिनों में यह रसोई आस-पास के बेसहारे बुजुर्गों, मजदूरों और गरीब बच्चों के लिए भोजन का आसरा बन गया है। केंद्र के संचालक सिद्धार्थ राय ने बताया कि यह भोजनालय शाम पांच बजे से सात बजे तक चलता है। लोग भोजन-कक्ष के बाहर से थाली लेकर पंगत में बैठते हैं और केंद्र से जुड़े लोग उनको भोजन कराने का काम करते हैं। भोजनालय हफ्ते में छह दिन चलेगा। सोमवार को रसोई बंद रखा जाएगा लेकिन पिछले सोमवार को भोजनालय को खुला था। अगले हफ्ते से यह व्यवस्था लागू होगी। बताया कि भोजनालय के लिए किसी से आर्थिक मदद नहीं ली जाती है। लोगों से दान में अनाज लिया जा रहा है। अब तक 30 क्विंटल चावल मिला है। पिछले रविवार को प्रभु की रसोई खुला है। दो दिनों में रोजाना 250 लोग को भोजन के लिए आ रहे हैं। इसमें से अधिकांश लोग बेसहारे बुजुर्ग, मजदूर और गरीब बच्चे हैं। भोजन में पोषक तत्वों को ख्याल रखा जाता है। लोगों को भरपेट पौष्टिक भोजन मिले यही उद्देश्य है। इस कार्य में लोगों को सहयोग मिल रहा है। कोई रसोई गैस तो कोई दोनों रसोइयों का वेतन देने के लिए तैयार है। सिद्धार्थ ने बताया कि पिछले मार्च में भारत यात्रा की थी। तभी प्रभु की रसोई खोलने का खयाल आया था। उस दौरान लोगों से एक मुट्ठी अनाज बिना किसी भेदभाव से प्रत्येक जाति और मजहब के लोगों से दान लिया गया था। उस अनाज को आज प्रभु की रसोई में लोगों के आशीर्वाद स्वरूप उपयोग में लाया जा रहा है।