लाकडाउन के बाद शहर के मिश्रबाजार में नियमों को धता बताते हुए लगी भीड़।
- फोटो : GHAZIPUR
लॉकडाउन खत्म होते ही सोमवार को कोविड 19 नियम दरकिनार हो गए। सुबह आठ बजे से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भीड़ उमड़ पड़ी। नियमों को दरकिनार कर लोग बाजार में खरीदारी करते रहे। न तो किसी का ध्यान सोशल डिस्टेंसिंग पर रहा और न ही मास्क लगाने पर। पुलिस भी इसकी अनदेखी करती रही। सुबह सात बजे से ही सड़कों पर लोगों का आवागमन शुरु हो गया था। नगर के लंका, मिश्र बाजार, कचहरी, महुआबाग, विशेश्वरगंज, रौजा, लालदरवाजा, स्टीमरघाट आदि जगहों पर लोग सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते दिखाई पड़े। हालांकि अधिकांश लोग मास्क लगाए रहे। लेकिन कुछ की नाक ढंकी रही जबकि बाकी का मास्क नाक के नीचे ही दिखा। शाम को बाजार में लोगों की भीड़ खरीदारी के लिए उमड़ पड़ी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग को दरकिनार रही। यही हाल निजी बसों एवं आटो में देखने को मिला। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की ओर चलने वाली बसों एवं आटो में सीट से अधिक यात्रियों को बैठाया जा रहा था, जिससे संक्रमण फैलाव का खतरा बना हुआ था। यही हाल दुकानों पर भी देखने को मिला। दुकानों पर लोग खुलेआम सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ते रहे। चायपान की दुकानों पर बिना मास्क के बतकही होती रही। ऐसे में लगातार संक्रमण के बढ़ रहे खतरे को देखते हुए भी लोग चेत नहीं रहे। शहर कोतवाली पुलिस ने सोमवार को नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिना मास्क बाइक से घूमने वाले व्यक्तिओं के वाहनों का चालान किया। कई लोगों से चालान शुल्क भी जमा कराया गया। कोतवाली प्रभारी विमल मिश्रा ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के महाराजगंज, भुतहिया टांड़, गोरा बाजार, सिंचाई विभाग, लंका, विशेश्वरगंज, महुआबाग, रौजा, रजागंज सहित अन्य चौराहों पर बिना मास्क एवं हेलमेट के घूमने वाले बाइक चालकों से 16 हजार रुपए चालान शुल्क वसूला गया। 70 वाहनों का चालान किया गया।