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ताड़ीघाट स्टेशन के शौचालय पर वर्षों से लटक रहा ताला

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सुहवल। एक तरफ सरकार जहां गांवों को खुले में शौच मुक्त करने को लेकर गंभीर है। वहीं रेलवे सरकार के आदेश को ठेंगा दिखा रहा है। ताड़ीघाट स्टेशन पर दशकों पहले महिला, पुरुष यात्रियों के लिए लाखों की लागत से बने शौचालय पर ताला लटका हुआ है। ऐसी स्थिति में महिला यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों ने बताया कि पूर्व में कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई। समाधान तो दूर की बात उनकी शिकायतों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। लोगों ने बताया कि सरकार एक तरफ जहां खुले में शौच मुक्त करने को लेकर प्रयासरत है। वहीं रेलवे के अधिकारियों की उदासीनता के चलते अभियान परवान नहीं चढ़ पा रहा है। यात्रियों ने बताया कि ट्रेन के आवागमन के समय शौचालय का ताला नहीं खोला जाता है। इनके द्वारा सिर्फ अधिकारियों के आने पर शौचालय का ताला खोला जाता है। ऐसे में महिला यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पीआरओ दानापुर मंडल पृथ्वीराज ने कहा कि विभाग का पहला प्रयास खुले में शौच मुक्त बनाना है, जिससे योजना मूर्त रूप ले सके। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर बने शौचालय का ताला न खुलना गंभीर विषय है। जल्द खुलवाया जाएगा, जिससे यात्रियों को लाभ मिल सके।
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