पुलिस ने विवेचना के उपरान्त न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। दौरान विचारण राजेश्वर सिंह उर्फ मकनू सिंह और साधु शरण सिंह की मौत हो गई। शेष आरोपी हरिहर सिंह का विचारण शुरू हुआ। विचारण के दौरान अभियोजन कि तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता शशिकांत सिंह ने छह गवाहों को पेश किया। जिन्होंने कोर्ट में बयान दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने हरिहर सिंह को दोषी करार देते हुए उक्त सजा सुनाई।