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Ghazipur News: लेखपाल बोले, एसआईआर के लिए अनावश्यक उत्पीड़न बंद किया जाए

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मुहम्मदाबाद तहसील परिसर में धरना देते लेखपाल। संवाद
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गाजीपुर। फतेहपुर के लेखपाल की आत्महत्या पर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर जिले के विभिन्न तहसीलों में लेखपालों ने शुक्रवार को धरना-प्रदर्शन किया आक्रोश व्यक्त करते हुए लेखपालों ने कहा कि फतेहपुर के लेखपाल सुधीर ने एसआईआर के दौरान अधिकारियों की प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर ली। लेखपाल को प्रताड़ित करने वाले अधिकारियों के खिलाफ जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई की जाए। कासिमाबाद: तहसील अध्यक्ष रामप्रवेश राम ने कहा कि फतेहपुर जनपद के साथी लेखपाल सुधीर द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला साधारण नहीं है। आरोप लगाया कि अधिकारी लेखपाल को आत्महत्या करने के लिए विवश कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर पांच सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। फतेहपुर जनपद के पीसीएस अधिकारी संजय कुमार सक्सेना एवं राजस्व निरीक्षक शिवराम के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया जाए। मृतक की माता को 50 लाख की आर्थिक सहायता दिया जाए। एसआईआर के लिए अनावश्यक मानसिक व शारीरिक दबाव उत्पीड़न बंद किया जाए। एक माह के वेतन के बराबर प्रोत्साहन राशि दी जाए। एसआईआर की समय सीमा बढ़ाई जाए। सेवराई: लेखपाल पर बेवजह अधिकारियों ने दबाव बनाया, जिससे वे अधिक तनाव में आए गए और आत्महत्या जैसा उन्होंने कदम उठाया। जिलाध्यक्ष जनक कुमार यादव ने कहा कि उक्त घटना आत्महत्या नहीं, बल्कि असंवेदनशीलता द्वारा कारित हत्या प्रतीत होती है। दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्जकर आवश्यक कार्रवाई की जाए। मुहम्मदाबाद: मुहम्मदाबाद के अध्यक्ष संतोष राय ने फतेहपुर के लेखपाल सुधीर कुमार की मौत को प्रशासनिक दबाव और अधिकारियों की संवेदनहीनता का परिणाम बताया है। तहसील अध्यक्ष ने संगठन की तरफ से प्रमुख सचिव राजस्व को भेजे पत्र में कहा कि सुधीर कुमार 2024 बैच के भर्ती लेखपाल थे तथा फतेहपुर जनपद में कार्यरत थे। बीते 26 नवंबर को उनकी शादी थी, जिसके लिए उन्होंने छुट्टी का आवेदन किया। बावजूद छुट्टी नहीं दी गई। एसआईआर और अन्य कार्यों के दबाव में लगातार प्रताड़ित किया गया, जिससे तनावग्रस्त होकर उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। मांग किया कि दोषी अधिकारियों पर एफआईआर व कड़ी कार्रवाई हो। लेखपालों पर अन्य विभागीय कार्यों का बोझ कम किया जाए, अधिकारियों द्वारा दुर्व्यवहार व धमकी पर रोक लगाई जाए।
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