तहसील प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त कर निंदा प्रस्ताव पारित किया.
संवाद न्यूज एजेंसी
मुहम्मदाबाद। तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सेंट्रल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने सोमवार को बैठक करके तहसील प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करने के साथ ही निंदा प्रस्ताव पारित किया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रप्रकाश राय ने कहा कि तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इनकी कार्यशैली से सरकार की साख प्रभावित हो रही है।
अधिवक्ताओं ने बार परिसर में बैठक कर आज कार्य बहिष्कार की घोषणा कर प्रशासन को 72 घंटे की चेतावनी जारी कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर प्रस्ताव पारित कर दिया। प्रतिनिधिमंडल के साथ उपजिलाधिकारी से मिलकर ज्ञापन देने का फैसला लिया। अधिवक्ताओं के आक्रोश को देखते हुए उप जिलाधिकारी भारत भार्गव ने तत्काल तहसीलदार सहित बार के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पदाधिकारियों के साथ तहसील सभागार में बैठक की।
अधिवक्ताओं ने वार्ता के दौरान लेखपालों, राजस्व निरीक्षक पर विधि विरुद्ध तरीके से वरासत प्रार्थना पत्र निरस्त किए जाने के साथ ही छोटे से छोटे प्रकरण में 5000 से 20000 तक रिश्वत लिए जाने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि लेखपाल पैमाइश, फाट, कुर्रा भी नियम के अनुसार समय के अंदर नहीं कर रहे हैं। लेखपाल फॉट में सड़क की जमीन को पैसा नही मिलने पर सड़क से दूर हिस्सा दर्शित कर दे रहे हैं।
अगर किसी व्यक्ति की सरकारी जमीन से सटी जमीन है तो उसे झूठा सरकारी जमीन कब्जा किए जाने की रिपोर्ट 67 राजस्व संहिता के अंदर प्रेषित कर दे रहे हैं। अधिवक्ताओं की पीड़ा एवं आक्रोश को देखते हुए उपस्थित पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं को उप जिलाधिकारी भारत भार्गव एवं तहसीलदार विजय प्रताप सिंह ने आश्वासन दिया कि किसी भी दशा में आप के सम्मान के साथ खिलवाड़ नही होने दिया जाएगा। निश्चित रूप से दोषी लेखपालों के विरुद्ध नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर नायब तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव, सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार राय, सचिव धनंजय कुमार राय, पूर्व अध्यक्ष दयाशंकर दुबे, आलोक राय, रितेश कुमार राय, कृष्णानंद राय, चंद्रप्रकाश राय, काशीनाथ यादव आदि अधिवक्ता उपस्थित थे।