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खरीफ की बुआई किसानों के लिए चुनौती, फसल बीमा के प्रति बढ़ेगा रूझान

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गाजीपुर। जुलाई का एक पखवाड़ा बीत जाने के बाद बारिश नहीं होने से खेती-किसानी को लेकर चिंता की लकीर बढ़ने लगी है। धान, ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग, अरहर आदि खरीफ की फसलों की बुआई कर रहे किसानों के सामने पानी का संकट है। ऐसे में हजारों रुपये खर्च कर खेतों में बोआई करना किसानों के लिए चुनौती से कम नहीं। ऐसे में फसल बीमा की तरफ किसानों का रुझान बढ़ रहा है। कृषि विभाग ने एक जुलाई से खरीफ की फसलों के लिए बीमा की शुरुआत की जो 31 जुलाई तक होना है। 18 जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक 1578 किसानों ने फसल बीमा कराया है। कृषि अधिकारी मृत्युंजय सिंह का कहना है कि मौसम प्रतिकूल रहने की दशा में आने वाले दिनों में फसल बीमा कराने वालों की संख्या बढ़ सकती है। पिछले साल खरीफ के दौरान 19759 किसानों ने फसल बीमा करवाया था। फसल बर्बाद होने की दशा में 3929 किसानों को बीमा का लाभ मिला था। जिनको 3.39 करोड़ रुपये दिया गया था। वहीं, कृषि विभाग ने खरीफ में धान की बोआई का लक्ष्य 14914 हेक्टेयर रखा है जबकि दहलन, तिहलन और मोटा अनाज का लक्ष्य 28620 हेक्टेयर का रखा है। बिन बारिश की स्थिति में जो बोया गया है वो भी बर्बाद होने की कगार पर है। ऐसे में इस बार लक्ष्य से काफी पीछे खरीफ की बोआई हो सकती है।
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