गोडउर में श्रीमद्भागवत कथा सुनाते गंगा पुत्र श्रीलक्ष्मीनारायण त्रिडंडी स्वामी।
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गाजीपुर। मानव धर्म प्रसार समाजसेवी संस्था शाखा जंजीरपुर के 26वें वार्षिक सम्मेलन में ईश प्रार्थना संग मानव धर्म का झंडारोहण किया गया। इस दौरान प्रवचन में किसी की निंदा करने को सबसे बड़ा पाप बताया गया। मुख्य वक्ता माधव कृष्ण ने कहा कि जो अधर्म के लिए समर्पित है वह कर्म नहीं है बल्कि सत्य समर्पित कर्म ही वास्तविक धर्म है। किसी ज्ञान को जानकर उसे जीवन का हिस्सा बना लेना ही ज्ञान की सार्थकता है। किसी की निंदा करना सबसे बड़ा पाप है। उन्होंने कहा कि जो आप अर्पण करते हैं वही मानव के पास दोगुना होकर वापस आता है। हम गृहस्थ जीवन में रहते हुए सन्यासी हो सकते हैं। धर्मदेव सिंह ने कहा कि एक व्यक्ति के मानव हो जाने पर संपूर्ण समाज सुधर सकता है। ईंट पत्थर जोड़कर भवन बना लेना और बड़ी संख्या का संगठन चला लेना कोई विशेष बात नहीं है। व्यक्ति के भीतर की सोई हुई मानवता को जगाना तथा जीवन को साधन युक्त बनाकर उसे विकास के मार्ग पर चलाना ईश्वरीय कार्य है। इससे पूर्व संत भोलादास महाराज ने मानव धर्म का झंडारोहण किया। इसके बाद सुदामा ने वंदना एवं माखन ने भजन प्रस्तुत किया। इस दौरान सदानंद, अवधेश, गुलाब, राम अवध ने विचार व्यक्त किए। संचालन धर्मदेव ने किया।