गाजीपुर। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में जूनियर डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में बुधवार को महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्रों और जूनियर डॉक्टरों का गुस्सा फूट पड़ा। हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर छात्रों और जूनियर डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की।
महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्र और जूनियर डॉक्टर नगर के गोराबाजार स्थित नवनिर्मित 300 बेड के अस्पताल में एकत्र हुए। उनके हाथों में पोस्टर-बैनर था। पोस्टर-बैनर पर वी वांट जस्टिस, क्या हम बेटियां सच में आजाद हैं। महिलाओं का जो करें अपमान, जाने उसे नर पशु समान। दरिंदगी देखकर इंसान ही नहीं जानवर भी शर्मसार हैं। वी- डिमांड जस्टिस आदि स्लोगन अंकित थे। इस दौरान जूनियर डॉक्टरों और छात्रों ने नारेबाजी की। मांग की कि दोषियों को फांसी की सजा हो। पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हम डॉक्टर लोगों की जिंदगी बचाने का काम करते हैं, लेकिन हमारी सुरक्षा कौन करेगा। जहां हम काम करते हैं और जहां रहते हैं, वहां हमारी सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान जूनियर डॉक्टर और मेडिकल छात्र नवनिर्मित 300 बेड अस्पताल के विभिन्न कक्षों, सभागार और ओपीडी में पहुंचे।
एक घंटे बाधित रही ओपीडी सेवा
गाजीपुर। जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल के छात्रों ने सुबह 11 बजे प्रदर्शन शुरू किया। उनका प्रदर्शन करीब 11.52 बजे तक जारी रहा। इसके कारण ओपीडी की सेवा लगभग एक घंटे तक बाधित रही। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि इमरजेंसी सेवा सुचारू रूप से चलती रही।