पति का लाइसेंसी पिस्टल ले जाने से रोकने की वजह से बीएसएफ जवान की पत्नी की नगर कोतवाली के कुर्था गांव में छह दिन पूर्व हत्या की गई थी। रविवार को एसपी रोहन पी बोत्रे ने पत्रकार वार्ता में हत्या का पर्दाफाश कर दिया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बांकी, खून से सना टीशर्ट एवं शर्ट पुलिस ने बरामद कर लिया। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों का चालान कर दिया गया।
बीते 26 सितंबर को कुर्था गांव निवासी किरन प्रजापति की दिनदहाड़े घर में घुसकर अज्ञात हत्यारों ने धारदार हथियार से वारकर हत्या कर दी थी। एसपी ने हत्याकांड का पर्दाफाश करने के लिए पांच टीमें लगाईं थीं। इधर मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस मुकदमा दर्जकर मामले के खुलासे में जुटी थी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रविवार को दोनों हत्यारोपियों को सिटी रेलवे स्टेशन के पास से धर-दबोचा। दोनों कहीं भागने के फिराक में थे। हत्यारोपी विपुल यादव ने पूछताछ में बताया कि महिला उसे जानती थी। मृतका के पति पवन प्रजापति की उसके पिता सुभाष यादव के साथ गहरी दोस्ती थी। इस वजह से पवन कुमार प्रजापति उस पर पूरा विश्वास करते थे और सगे भतीजे की तरह मानते थे।
मृतका को सफेद बीमारी थी। आरोपी ने बताया कि इसी विश्वास की वजह से महिला का पति इलाज के लिए उसे मऊ, बिहार एवं पंजाब जैसे दूर स्थानों पर उसके साथ भेजते थे। वह उनके घर दिन एवं रात में जब भी आवश्यकता पड़ती थी, आता-जाता था । घटना वाले दिन 26 सितंबर को भी वह सुबह घर आया था। महिला के दोनों पुत्र शुभम और सुधांशु स्कूल चले गए थे। हत्यारोपी विपुल यादव अपने मित्र अनीस यादव के साथ घर आया और बीएसएफ जवान की लाइसेंसी पिस्टल को निकालने लगा।
इसका किरन प्रजापति ने विरोध किया और कहा कि ऐसा क्यों कर रहे हो। तम्हारे चाचा को बता दूंगी। इसी बात पर विपुल यादव और उसके साथी अनीस यादव ने मिलकर किरन प्रजापति की धारदार बांकी से हमलाकर हत्या कर दी। साथ ही पहचान छिपाने के लिए वहां लगे सीसीटीवी कैमरे को तोड़कर डीवीआर ले भागे। हत्या में प्रयुक्त हथियार और घटना के समय पहने हुए खून से सने कपड़े सुनसान स्थान पर छिपा दिए थे जिसे आरोपियों की निशानदेही पर स्वाट टीम ने बरामद कर लिया। आरोपियों ने बताया कि लूटी गई लाइसेंसी पिस्टल एवं डीवीआर गंगा नदी में फेंक दिया, जिससे कोई ऐसा सबूत न मिल सके।