गाजीपुर। मुख्तार अंसारी और उसके छह से ज्यादा सहयोगियों पर एमपी- एमएलए कोर्ट में 23 साल पुराने मनोज राय हत्याकांड में पुलिस की चार्जशीट के बाद आरोप तय होने की कार्यवाही चल रही है। बृहस्पतिवार को आरोप तय होने थे। लेकिन आरोपी जफर उर्फ चंदा की ओर से आरोप मुक्त करने के लिए प्रार्थना- पत्र दिया गया। इसपर अदालत ने सुनवाई के लिए और आरोप निर्धारण के लिए चार जनवरी की तिथि तय की है।15 जुलाई 2001 को उसरी चट्टी हत्याकांड हुआ था। उसी दिन मनोज राय की भी हत्या हुई। उस समय मनोज राय को भी मुख्तार अंसारी ने हमलावरों में शामिल बताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।लेकिन मनोज राय के पिता ने अपने पुत्र की हत्या बताते हुए बीते जुलाई माह में मुख्तार अंसारी और उसके साथियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की चार्जशीट में मनोज राय के पिता ने मुख्तार अंसारी के साथ सरफराज मुन्नी, अफरोज, जफर चंदा के साथ दस लोगों को नामजद किया था। एक आरोपी की मौत हो चुकी है। जबकि दो अभियुक्त पहले से ही सरकारी अभिलेखों में भगोड़ा घोषित हैं।
ऐसे में मनोज राय हत्याकांड में मुख्तार समेत सभी आरोपियों पर आरोप तय होना था। लेकिन आरोपी जफर उर्फ चंदा ने अदालत में अपने को निर्दोष बताते हुए आरोप मुक्त करने और कार्यवाही स्थगन के लिए प्रार्थना- पत्र दिया। अदालत ने सुनवाई के लिए अगली तारीख तय कर आदेश दिया कि जिन आरोपियों को इस तरह का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करना है, वह तय तिथि से पूर्व प्रस्तुत करें। सुनवाई और आरोप निर्धारण के लिए चार जनवरी की तिथि तय की गई है।