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सात साल की सजा वाले कैदी होंगे रिहा

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गाजीपुर। जिला कारागार प्रशासन ने 88 कैदियों को पैरोल पर छोड़ने के लिए शासन और जिला जज को पत्र भेजा है। इसमें सात वर्ष तक की सजा वाले कैदियों की सूची तैयार की जा रही है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की भयावकता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। हालांकि कारागार प्रशासन के भेजे गए प्रस्ताव पर अभी शासन की ओर से मुहर नहीं लग सकी है। जिला कारागार में वर्तमान समय में 950 कैदी बंद है। जबकि कारागार की क्षमता 397 बंदियों के रखने की है। इसमें 922 पुरुष कैदी हैं, जबकि 28 महिला बंदी शामिल हैं। स्थिति यह है कि एक बैरक में करीब पांच से छह बंदी रखे गए हैं। इधर कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में प्रतिदिन सौ से ऊपर संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। जिला कारागार में भी 107 बंदी भी कोरोना संक्रमित हो गए थे। हालांकि इसमें अब मात्र 16 ही बंदी पॉजिटिव हैं। ऐसे में न्यायालय के आदेश पर जिला कारागार प्रशासन ने सात साल तक की सजा वाले 11 कैदियों की सूची तैयार करने के साथ उन्हें पैरोल पर छोड़ने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है। जबकि 77 विचाराधीन कैदियों को छोड़ने का प्रस्ताव जिला जज के पास भेजा गया है। जिला कारागार के दस बैरकों में क्षमता से अधिक बंदियों को रखा गया है। ऐसे में संक्रमण फैलाव का खतरा मंडरा रहा है। हल्का भी संक्रमण का लक्षण रहने पर एक बैरक में रह रहे अधिकांश कैदियों के संक्रमित होने का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में संक्रमण फैलाव से कैदियों को बचाने के लिए पैरोल पर छोड़ने का पत्र भेजा गया है, जिससे उन्हें संक्रमित होने से बचाया जा सके। राजेंद्र, सात साल तक की सजा वाले बंदियों को पैरोल पर छोड़ने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अभी तक प्रस्ताव पर मुहर लगकर पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। जेल अधीक्षक राजेंद्र ने बताया कि
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