दुबिहा। जहूराबाद विधान सभा के महेंद और सोनवानी गांव तक जाने वाली सड़क की दशा बदतर हो गई है। गोड़उर गांव से महेंद और सोनवानी गांव जाने वाली सड़क की दूरी करीब सात किलोमीटर है लेकिन इतनी दूरी तय करने में क्षेत्रीय लोगों को दो घंटे से अधिक समय लग जाता है। सडक गड्ढे और कीचड़ में तब्दील हो गई है। बरसात में सड़क जलभराव से और भी खतरनाक हो गई है। दो विधान सभाओं के बीच इस खतरनाक सड़क पर गुजरने वाले राहगीरों की जान जोखिम में रहती है। आए दिन राहगीर गिरकर चोटिल हो जाते हैं। सड़क पर अब चलना भी मुश्किलों भरा हो गया है। उच्चाधिकारी और जनप्रतिनिधि समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस सड़क से करीब एक दर्जन गांव जुड़े हुए हैं। सड़क प्रधानमंत्री सड़क योजना के एफडीआर तकनीकी के तहत बननी है। मगर, नशीराबाद गांव के पास 900 मीटर सड़क आपसी विवाद में आज तक पूर्ण नहीं हो सकी। मुहम्मदाबाद विधानसभा के गोड़ऊर और जहूराबाद विधानसभा का सोनवानी और महेंद गांव होने के बावजूद यह सड़क बदहाल है। आपात स्थिति में इस मार्ग पर कोई वाहन नहीं मिलता है। गर्भवती महिलाओं को भी प्रसव पीड़ा के दौरान ज्यादा परेशानी होती है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता दीपक तिवारी ने बताया कि सड़क को एफडीआर तकनीकी से बनाया जाना है। लगभग चार किलोमीटर सड़क का एफडीआर बन चुका है। नशीराबाद गांव के पास 900 मीटर सड़क पर ग्रामीणों के आपसी विवाद के चलते काम रुका है। जल्द ही विवाद सुलझाकर कार्य शुरू करा दिया जाएगा।