जिलाधिकारी आर्यका अखौरी के निर्देश पर बृहस्पतिवार को कासिमाबाद एसडीएम वीर बहादुर यादव एवं कासिमाबाद चिकित्सा प्रभारी एनके सिंह के नेतृत्व में कासिमाबाद औरबहादुरगंज नगर पंचायत क्षेत्र के निजी अस्पतालों में देर शाम तक छापेमारी की गई। इस दौरान चार निजी अस्पतालों की जांच में रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। एसडीएम ने चार दिन के अंदर अस्पताल के समस्त कागजात उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। अगर चार दिन के अंदर अस्पताल संचालक सभी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम बीर बहादुर यादव ने बताया कि सभी प्राइवेट अस्पतालों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण की जानकारी मिलते ही कासिमाबाद सहित नगर पंचायत बहादुरगंज के अधिकांश प्राइवेट चिकित्सक अस्पतालों को बंद कर फरार हो गए। देर रात तक प्राइवेट अस्पताल संचालक छापेमारी की सूचना को लेकर अस्पताल बंद कर फरार रहे।
एसडीएम ने बताया कि तहसील क्षेत्र में लगातार प्रशासन को शिकायत मिल रही थी कि क्षेत्र में निजी चिकित्सकों कि भरमार है। इन अस्पतालों की आए दिन मनमानी की शिकायतें मिल रही थी। सबसे पहले टीम बहादुरगंज नगर पंचायत में पहुंच कर एक महिला क्लीनिक जिसका संचालिका डॉ सोनम यादव हैं। निरीक्षण के दौरान इस अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। इसके बाद टीम कासिमाबाद कस्बे में सरस्वती हड्डी क्लीनिक , शारदा हॉस्पिटल ,एसएस चिल्ड्रेन हॉस्पिटल की जांच की गई।
इन सभी चार निजी अस्पतालों का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। इन सभी अस्पताल के संचालकों को चार दिन के अंदर अपना रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। अगर चार दिन के अंदर अस्पताल संचालक अपना रजिस्ट्रेशन नहीं दिखाते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने बताया कि क्षेत्र के सभी निजी अस्पताल अपना रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र अपने अस्पताल के अंदर चस्पा कर दें। ऐसा नहीं किए जाने पर यह मान लिया जाएगा कि किसी अस्पताल के पास रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र नहीं है । ऐसे में निजी चिकित्सकों और अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। जांच टीम में प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. एनके सिंह , प्रभारी निरीक्षक कमलेश पाल शामिल रहे।