निर्माण सामग्री की गुणवत्ता दोयम दर्जे की होने पर बीएसए ने दी नोटिस
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के छात्रावास निर्माण में गड़बड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
भीमापार। सादात में बन रहे कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के छात्रावास के निर्माण में प्रयोग सामग्री की गुणवत्ता दोयम दर्जे की होने पर कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने नोटिस जारी किया है। बीएसए ने निर्देश दिया है कि दोयम दर्जे की ईंट से कराए गए निर्माण कार्य को तुरंत ध्वस्त कराकर फिर से गुणवत्तायुक्त कार्य कराया जाए।
मालूम हो कि सादात ब्लाॅक मुख्यालय के बगल में ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का संचालन हो रहा है। अभी तक यहां कक्षा आठ तक ही पठन-पाठन का कार्य हो रहा है। इसे उच्चीकृत कर 12वीं तक किए जाने के लिए बगल में आवासीय छात्रावास का निर्माण कार्य हो रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक अमित राय के अनुसार 1. 71 करोड़ की राशि से छात्रावास का निर्माण दो तल में किया जाना है। इसमें 25 कमरे, डाइनिंग हॉल, किचन, स्टोर रूम और वार्डन रूम, शौचालय, पेयजल आदि कार्य किया जाना है।
प्रत्येक कमरे में चार-चार छात्राओं के रहने की व्यवस्था होगी। छात्रावास भवन के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड की वाराणसी यूनिट के जिम्मे है। इसे वर्तमान वित्तीय वर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। बताया कि स्थानीय एवं विभागीय लोगों ने छात्रावास भवन निर्माण में व्यापक अनियमितता बरतने का आरोप लगाया।
उनका कहना है कि छात्रावास निर्माण में प्राक्कलन के अनुसार निर्माण सामग्रियों का उपयोग नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया ईंट एवं निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। इसकी शिकायत पर जांच कराकर बीएसए हेमंत राव ने कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी किया है। बीएसए ने बताया कि कार्यदायी संस्था को हिदायत दी गई है कि दोयम दर्जे की ईंट से कराए गए निर्माण कार्य को गिराकर उसके स्थान पर गुणवत्तायुक्त कार्य कराया जाए।