ऋण के लिए जन विकलांग सेवा समिति के सदस्यों ने सोमवार की सुबह बाजार स्थित काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक पर ताला जड़ दिया। बैंक में फंसे ग्राहक ताला तोड़कर बाहर निकलने का प्रयास करने लगे तो उनकी आंदोलनकारियों से नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थिति संभाली और दोबारा तालाबंदी नहीं होने दी। उसके बाद विकलांग बैंक के बाहर धरने पर बैठ गए। इससे हफ्ते भर पहले ऋण के लिए विकलांग बैंक में हंगामा किया था।
जन कल्याण विकलांग सेवा समिति के सदस्यों ने 8 फरवरी को कर्ज के लिए बैंक में तालाबंदी की थी। उसके बाद 12 मार्च को बैंक के सामने चक्का जाम किया। दोपहर में लगभग दो बजे जिला विकलांग कल्याण अधिकारी राजेश मिश्रा ने जल्द कर्ज दिलाने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था।
सोमवार को सुनवाई नहीं होने से नाराज विकलांगों ने बैंक के मुख्य गेट पर ताला बंद कर दिया। कुछ उपभोक्ता बैंक के भीतर फंस गए थे जबकि कुछ बाहर खड़े थे। लिहाजा खाताधारकों ताला तोड़ दिया। इसके बाद विकलांग खाताधारकों से भिड़ गए। दोनों में कहासुनी होने लगी। तभी पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने मामला शांत हो गया।
जन कल्याण विकलांग सेवा समिति के अध्यक्ष रामविजय चौहान का कहना था कि राष्ट्रीय विकलांग विद्या एवं विकास निगम व काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक के सहयोग से ऋण उपलब्ध कराया जाना है लेकिन बैंककर्मी ऋण देने में आनाकानी कर रहे हैं। बैंक प्रबंधक इंद्रलोक ने बताया कि विद्या एवं विकास ऋण उच्च शिक्षा के लिए कर्ज का प्रविधान है लेकिन किसी का आवेदन नहीं मिला है। इस योजना के तहत कुल सात लोगों को कर्ज दिया गया है लेकिन एक रुपये की रिकवरी नहीं हुई।