गाजीपुर। जिले में संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पर्याप्त संसाधनों से उपचार करना तो शुरु कर दिया है, लेकिन रेमडेसिविर इंजेक्शन के समाप्त होने से उपचार में दिक्कतें आ रही हैं। अधिकारी जल्द ही 150 वायल आने की उम्मीद जता रहे हैं। हालांकि सीएमओ ने नौ वायल जिला अस्पताल प्रशासन को उपलब्ध कराया है, जिससे उपचार में किसी तरह की परेशानी न हो सके। एक तरफ जहां जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर मुहैया होना मुश्किल होता जा रहा है। वहीं दवाओं का भी लगातार टोटा बना हुआ है। संक्रमित मरीजों को उपचार के लिए शासन की ओर से उपलब्ध कराया जा रहा रेमडेसिविर इंजेक्शन समाप्त हो चुका है। ऐसे में चिकित्सक दूसरा एंटीबायोटिक इंजेक्शन तीमारदारों से मंगाकर लगवा रहे हैं, जिससे फेफड़े में फैल रहे संक्रमण को रोका जा सके। सीएमओ डा. जीसी मौर्या ने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन लाने के लिए वाहन लखनऊ गया हुआ है। जल्द ही 150 वायल आने की उम्मीद है। वहीं नौ वायल सुरक्षित था, जिससे जिला अस्पताल प्रशासन को उपलब्ध कराया गया है, जिससे संक्रमितों के उपचार में किसी तरह की परेशानी न हो। जिला अस्पताल में पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ न होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कोरोना के 40 बेड पर सिर्फ एक नर्सिंग स्टाफ की तैनाती है। वहीं मेडिकल वार्ड में दो, महिला वार्ड में दो और सर्जिकल वार्ड में एक नर्सिंग स्टाफ द्वारा कार्य किया जा रहा है। ऐसे में मरीजों को इंजेक्शन लगाने एवं हालत गंभीर होने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए तीमारदारों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
ोने में चार से पांच घंटा लग रहा है।