जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक राइफल क्लब में हुई। इस अवसर पर जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी सदस्यों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सिंगल स्टेज डिलिवरी के अंतर्गत एफसीआई के गोदाम से सीधे खाद्यान परिवहन ठेकेदार के माध्यम से जीपीएस लगे वाहनों से उचित दर विक्रेताओं की दुकान पर पहुंचाया जा रहा है।
डीएसओ ने बताया कि उचित दर विक्रेताओं की दुकानों पर खाद्यान्न के पहुंचने का सत्यापन नामित ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, लेखपाल की तरफ से किया जा रहा है। उचित दर विक्रेताओं द्वारा संबंधित कार्डधारकों में शासन की ओर से निर्धारित वितरण तिथि पर ई-पॉस मशीन द्वारा नामित पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की देखरेख में वितरण कराया जा रहा है। अंत्योदय कार्ड पर 14 किग्रा गेहूं एवं 21 किग्रा चावल कुल 35 किग्रा एवं पात्र गृहस्थी कार्ड पर दो किग्रा गेहूं एवं तीन किग्रा चावल कुल पांच किग्रा खाद्यान नि:शुल्क वितरण किया जा रहा है। अंत्योदय कार्ड पर प्रति तीन माह पर तीन किग्रा चीनी मूल्य 18 रुपये प्रति किग्रा की दर से वितरण किया जा रहा है। नगर पालिकाध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने कहा कि उचित दर दुकानों एवं किराना की दुकानों पर घटतौली किए जाने की शिकायत से बचने के लिए इसकी नियमित जांच कराई जाए। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने वरिष्ठ निरीक्षक बाट-माप को निर्देश दिया कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर जांच की कार्रवाई करें और अपनी रिपोर्ट जिला पूर्ति अधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत करें। पालिकाध्यक्ष ने यह भी कहा कि खाद्य पदार्थों की वैधता तिथि की जांच कर वैधता तिथि के बाद के सामानों को नष्ट कराने की कार्रवाई कराई जाए। इस पर जिलाधिकारी ने खाद्य औषधि प्रशासन के अभिहित अधिकारी को निर्देश दिया कि अपनी टीम के साथ खाद्य वस्तुओं और अन्य सभी वस्तुओं की निरंतर चेकिंग करते रहे। जिलाधिकारी ने उचित दर दुकानों की जांच के लिए सभी उपजिलाधिकारियों को भी आदेश दिया कि उचित दर दुकानों की जांच समय-समय पर की जाए। विष्णु प्रताप सिंह ने यह बिंदु उठाया कि दिलदारनगर एवं अन्य स्थानों पर विक्रेताओं द्वारा कुछ कम खाद्यान दिया जाता है और घटतौली भी की जाती है। इस पर जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों की जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। पेट्रोल पंपों के संबंध में जिलाधिकारी ने कहा कि संबंधित ऑयल कंपनी के सेल्स आफिसर संबंधित उपजिलाधिकारी एवं जिला पूर्ति अधिकारी के संपर्क में बने रहें। आवश्यकता पड़ने पर उनके साथ जाकर संबंधित पेट्रोल पंप की जांच करें।