बाढ़ के पानी से आम जन ही नहीं पशु-पक्षी भी बेहाल नजर आ रहे हैं। इंसानों के साथ ही पशुओं को भी कुदरत की मार झेलनी पड़ रही है। बाढ़ ने सिर्फ इंसानों ही नहीं पशुओं के लिए भी मुसीबत खड़ी कर दी है। मंगलवार को गंगा नदी में जलस्तर के बढ़ते प्रवाह के बीच दर्जनों बेजुबान सुदूर जगहों से तेज जलधारा में बहते दिखे। खुद पर आए इस संकट से बचने के लिए ये बेजुबान पुल एवं किनारे खड़े लोगों की तरफ देख बचाव की आस में तेज आवाज लगा रहे थे, लेकिन राहगीर गंगा की तेज धारा एवं बढ़ते जलस्तर के कारण मजबूर दिखे। कई लोग इस घटना को अपने मोबाइल में कैद करते हे। तेज जलधारा में फंसे कई जानवर किसी तरह खुद किनारे पहुंच नदी में फंसे अपने अन्य साथियों की तरफ मुख कर आवाज लगाते रहे ताकि नदी में फंसे अन्य जानवर भी किनारे आ सकें। यह मार्मिक दृश्य देख लोग भाव विह्वल हो गये। किनारे खड़े ये बेजुबान अपनी आंखों के सामने नदी में अपने साथियों को बहते हुए देखने के सिवा कुछ नहीं कर पाए। इस मौके पर वहां मौजूद कुछ लोगों का कहना था कि सरकार एवं प्रशासन जिस तरह से आमजन एवं उनके पालकों के बचाव में जुटे हैं उसी तरह जंगली जानवरों के लिए भी राहत एवं बचाव दल का गठन होना चाहिए ताकि इनपर आए संकट के बादल छंट सके।