मुहम्मदाबाद। सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी और इम्यूनिटी बढ़ाने में कारगर मानी जाने वाली दवाएं पैरासिटामाल, कैल्शियम, विटामिन सी, विटामिन डी थ्री दवाओं के अलावा पल्स ऑक्सीमीटर, वेपोराइजर और खांसी के सिरप की मांग में बेतहाशा वृद्धि हुई है। कोरोना संक्रमण काल में मांग के मुताबिक इनकी आपूर्ति कंपनियों द्वारा नहीं की जा रही है। पैरासिटामाल, विटामिन-सी लिमसी, सेलिन, कैल्शियम, विटामिन डी थ्री, जोकोविट जिंक से संबंधित दवाओं थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर और खांसी रोकने वाले सिरप की मांग करीब सौ से पांच सौ गुना बढ़ी है। डिमांड अधिक होने से कंपनियां दवाएं, सिरप आदि डिस्ट्रीब्यूटरों को नहीं मुहैया करा पा रही हैं। इससे कई जरूरी दवाएं निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक रही हैं। विटामिन सी, जिंक आदि का अभाव हो गया है। संक्रमण के चलते हर घर में सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीज हैं। भले ही उनकी कोविड जांच नही हुई है। लोगों ने संक्रमण में दी जाने वाली दवाओं को घर पर रख लिया है। इसलिए बाजार में इनका भारी अभाव हो गया है। नामी दवाओं के स्थान पर उसी साल्ट की जेनेटिक दवाएं दी जा रही। छह सौ रुपये की आक्सीजन नापने वाली आक्सोमीटर लगभग तीन हजार रुपये की मिल रहा है। यही हाल भाप लेने वाले यंत्र, बुखार मापने वाले थर्मामीटर और आक्सीजन सिलिंडर में लगने वाले रेग्युलेटर का भी है। दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष मुहम्मद तन्हाई खां ने दवा विक्रेताओं से अपील की है कि वह निर्धारित दर पर ही दवा की बिक्री करें।