गाजीपुर। शिक्षा मंत्रालय ने आदेश जारी किया है कि किसी भी कोचिंग सेंटर में 16 वर्ष से कम उम्र के छात्रों को दाखिला नहीं मिलेगा। आदेश न मानने वाले पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगेगा। इस आदेश को लेकर लोग चर्चा कर रहे हैं। वहीं, शिक्षा विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो आठ वर्ष पहले 38 कोचिंग सेंटर रजिस्टर्ड थे, लेकिन वर्तमान में केवल पांच ही रजिस्टर्ड हैं। मगर आंकड़ों से इतर किसी भी मार्ग पर नजर दौड़ाने पर अवैध कोचिंग सेंटर दिख जाएंगे। ऐसे में नए नियम से इन कोचिंग संचालकों की मुश्किल बढ़नी तय है।
शिक्षा विभाग की तमाम बंदिशों के बावजूद जनपद में अवैध कोचिंग सेंटरों की भरमार है। यहां बिना पंजीयन के काफी संख्या में कोचिंग सेंटर खुले हैं। लेकिन उन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जा रहा है। आंकड़ों पर भी नजर करें तो वर्ष 2016 में 38 कोचिंग सेंटरों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। लेकिन, जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण जिन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया भी था, उन्होंने भी नवीनीकरण नहीं कराया। स्थिति यह है कि मौजूदा समय में केवल पांच कोचिंग सेंटर ही रजिस्टर्ड हैं। जबकि सरकार ने कोचिंग सेंटरों के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया हुआ है। साथ ही छात्र अनुपात के आधार पर होने वाले इस पंजीकरण के लिए सेंटरों को ट्यूशन अधिनियम की धाराओं के अनुसार शुल्क जमा करना अनिवार्य किया है। लेकिन, इस कोचिंग अधिनियम को विभागीय अधिकारियों की ओर से ही निष्प्रभावी बना दिया गया है। इन कोचिंग सेंटर संचालकों ने बड़े-बड़े अवैध होर्डिंग्स भी लगा रखे हैं, इनमें वे भ्रामक वादे, रैंक और अच्छे अंक की गारंटी लेने जैसे शब्द भी लिखने रहे हैं। इसके बावजूद एक वर्ष में कभी भी किसी कोचिंग सेंटर के खिलाफ शिक्षा विभाग की ओर से ऐसे कार्रवाई नहीं की गई, जो किसी को याद हो और उससे अवैध रूप से संचालित कोचिंग सेंटरों में भय हो। जबकि अवैध रूप से संचालित कोचिंग संचालक छात्रों से मोटी फीस वसूल रहे हैं। इतना ही नहीं तमाम बंदिशों को दरकिनार करते हुए सरकारी स्कूलों में तैनात शिक्षक भी मोटी कमाई के चलते ट्यूशन के नाम पर छात्रों से फेल किए जाने की बात कहकर कमाई कर रहे हैं। उनके पास न तो आग बुझाने के उपकरण हैं और न ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने का कोई रास्ता।
एक सप्ताह के अंदर जिन कोचिंग सेंटर संचालकों के पास रजिस्ट्रेशन नहीं होगा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जुर्माना लगाने के साथ ही संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इसके लिए आज ही मैंने टीम गठित की है,जो सभी कोचिंग सेंटरों को नोटिस देंगे।-कौस्तुभ कुमार सिंह, डीआइओएस।