मुहम्मदाबाद। भांवरकोल क्षेत्र के शेरपुर कला गांव स्थित रामलीला मैदान में आयोजित एकल काव्य पाठ शुक्रवार देर रात सकुशल संपन्न हो गया। देर रात तक चले इस आयोजन मेंकवि ने वीर रस से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यअतिथि राजगुरु मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु दंडी स्वामी अनंतानंद सरस्वती व विशिष्ट अतिथि भाजपा प्रवक्ता रजनीश राय ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर की। श्रृंगार की कविताओं पर तालियां बजी तो हास्य पर खूब ठहाके भी लगे। भोजपुरी के सुप्रसिद्ध कवि संजीव कुमार त्यागी ने शेरपुर के अष्ट शहीदों की स्मृति गाथा को अपने स्व. रचित खंडकाव्य अष्ट बलिदानी की दूतीय सर्ग की रचना काव्य के माध्यम से सुनाकर शहीदी धरती के लोगों का खूब वाह-वाह लूटी। कविता पाठ का शुभारंभ संजीव कुमार त्यागी ने बाबा विश्वनाथ की स्तुति से कवि सम्मेलन को औपचारिक शुरुआत दी। उन्होंने कहा कि हे महादेव , हे महाकाल, हे ,हे सृष्टि पाल , हे चंद्रकेश ,हे गंगाधर। जिसे सुनकर वहां पर उपस्थित श्रोता शिव की भक्ति में डूब गए।अष्ट बलिदानी खण्डकाव्य के कुछ अंश को अपने काव्य के माध्यम से सुनाया, सभी लम्हे जवानी के उन्हें जब याद आते थे कथा मुझे बचपन में नाना सुनाते थे कथा, कानों में गूंजे स्वत: नाना के संवाद आठों बलिदानी पुन: बर्बस आए याद, झलका सीताराम का विरत अवशेष ,चमके झिलमिल ज्योति सम यादव रामनरेश इस तरह से घंटों श्रोताओं को सुनाकर मंत्र मुग्ध कर दिया। इसके पूर्व मुख्य अतिथि दंडी स्वामी अनंतानंद सरस्वती ने युवाओं में जोश भर के देशभक्ति और मातृभूमि की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। इस मौके पर अतिथियों को माला पहनाकर स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया। इस मौके पर प्रधान प्रतिनिधि जयानंद राय मोनू ,जयप्रकाश राय , विद्यासागर गिरि , मिथलेश राय, बुचु बाबा,आंनद राय, शालीन राय, ओमप्रकाश राय बड़क, सच्चिदानंद राय, बालाजी राय, जीतेश राय, रामनारायण राय,राकेश राय आदि लोग थे। अध्यक्षता हेमनाथ राय ने किया।अंत में आए हुए सभी आंतुगको के प्रति संयोजक मनीष कुमार राय ने आभार प्रगट किया। संचालन श्यामनारायण राय ने किया।