सत्र न्यायाधीश संजय कुमार सप्तम की अदालत ने शुक्रवार को सैदपुर में दहेज हत्या के मामले में दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। सास और ससुर को अदालत ने दोष मुक्त कर दिया।
अभियोजन के अनुसार, खानपुर थाना क्षेत्र के गहिरा गांव निवासी इंद्रावती देवी ने सैदपुर कोतवाली में दो मई 2019 को तहरीर देकर बताया कि उसने अपनी पुत्री नीलम की शादी 19 जून 2014 को रामबचन राम निवासी शेखपुर तरवानिया के साथ की थी। दहेज में बाइक, अंगूठी और तिलक में कम पैसा देने के कारण पति राम बच्चन, ससुर रामसूरत और सास दुखनी देवी पुत्री नीलम को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। कई बार पिटाई की और जान से मारने की धमकी दी। बाद में सूचना मिली कि ससुराल वालों ने फावड़े से उसकी हत्या कर दी और शव मौके पर छोड़ कर भाग गए।
तहरीर पर सैदपुर पुलिस ने दहेज प्रताड़ना और दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। विचारण के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कृपा शंकर राय ने सात गवाहों को पेश किया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद अदालत ने मृतका के पति राम बचन राम को हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। सास और ससुर को दोष मुक्त कर दिया।