जमानिया। क्षेत्र के महेवा गांव में मई में एक युवक की करंट से मौत हो गई थी। विद्युत विभाग द्वारा प्रतिकर धनराशि के रूप में पांच लाख रुपये पीड़ित परिवार को देने के लिए जमानिया के अधिशासी अभियंता कार्यालय को भेज दी गई। लेकिन यह धन परिजनों को नहीं मिला। युवक की पत्नी ने बुधवार को डीएम को प्रार्थना पत्र सौंपकर आरोप लगाया है कि प्रतिकर धनराशि देने के एवज में अधिशासी अभियंता और लिपिक घूस की मांग कर रहे। युवक की पत्नी निर्मला देवी ने डीएम को दिए गए प्रार्थना-पत्र में बताया कि पति जवाहिर यादव की 17 मई को करंट लगने से मौत हो गई थी। इसके बाद उन्होंने प्रकरण का आवेदन विद्युत वितरण खंड जमानिया के साथ उपनिदेशक विद्युत सुरक्षा वाराणसी के लिए भी प्रेषित किया था। वहां से रिपोर्ट संबंधित प्रबंध निदेशक पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के साथ ही प्रतिलिपि अधिशासी अभियंता चतुर्थ जमानिया को भी प्रेषित करते हुए क्षतिपूर्ति प्रदान करने की संस्तुति की गई।
प्रकरण का संज्ञान लेते हुए अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल लाल दरवाजा द्वारा प्रतिकर धनराशि पांच लाख स्वीकृत किया गया। इसे अधिशासी अभियंता जमानिया को भेज दिया गया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि अधिशासी अभियंता एवं लिपिक द्वारा उनके रिश्तेदार पूर्व ग्राम प्रधान रजनीश सिंह को फोन कर घूस की मांग की गई है। साथ ही इन दोनों द्वारा कहा गया कि बिना पैसा दिए प्रतिकर धनराशि निर्गत नहीं किया जाएगा। प्रार्थना पत्र देकर जिलाधिकारी से गुहार लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।
- मेरे ऊपर लगाए गए आरोप निराधार हैं। यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। अगर ऐसा है तो जांच की जाएगी। संबंधित बाबू की भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। हेमंत राव, अधिशासी अभियंता