फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आर्द्रता, प्रदूषण ने ओढ़ा दी दो घंटे धुंध की चादर

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजीपुर। बारिश, बदली, धूप के बीच सितंबर के दूसरे पखवाड़े में मौसम का रूख बदला-बदला सा दिख रहा है। सुबह में हल्की ठंड महसूस होने के साथ वातावरण में नमी बढ़ी है, जिसका असर सुबह दिखने लगा है। सोमवार को मौसम में बदलाव का कुछ ऐसा हाल रहा कि सुबह साढ़े पांच बजे से करीब सात बजे तक शहर के आस-पास समेत कई इलाकों में धुंध छाई रही।
विज्ञापन

इस संबंध में पीजी कॉलेज के मौसम वैज्ञानिक कपिल देव शर्मा का कहना है कि मौसम बदला है। दिन में तापमान बढ़ने के साथ आर्द्रता, बदली और कुछ प्रदूषण के कणों के चलते धुंध जैसी स्थिति बनी है, जो आज सुबह देखने को मिली। यह आगे भी देखने को मिल सकती है। प्रदूषण जनित धुंध स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसका असर फेफड़े पर पड़ता है। सुबह की धुंध से बचने की जरूरत है।
मौसम में नमी होने पर हवा में धूल, पानी के कण तैरते रहते है। जो अनुकूल परिस्थिति पाकर धुंध निर्मित करते हैं। इधर, सुबह में करीब डेढ़ से दो घंटे धुंध छाई रही वहीं पूरे दिन बादल भी छाए रहे जो शाम साढ़े चार बजे के बाद हल्की बूंदाबांदी और फिर झमाझम बारिश में बदल गए। करीब आधे घंटे बदरा बरसे। ऐसे में तापमान में गिरावट दर्ज हुई और मौसम सुहाना हो गया।
विज्ञापन

शहर के आमघाट, न्यू इंदिरा नगर कॉलोनी, कचहरी, स्टेशन के आस-पास के लोग पार्क और खुले में बैठकर लोगों ने मौसम का लुत्फ उठाया। हालंाकि बारिश के चलते सड़कों पर कीचड़ और जल-जमाव से फिसलन रही। जानकारों का कहना है कि इस महीने रह-रहकर बारिश होने से धान की खेती करने वाले किसानों को काफी फायदा पहुंच रहा है। फसलों में हरियाली बढ़ने लगी है। किसानों को भी ट्यूबवेल, नहर आदि का सहारा नहीं लेना पड़ रहा है।
अभी कोई खतरा नहीं है, लेकिन धुंध बढ़ने पर खासकर अस्थमा रोगियों को सुबह में निकलने से बचना चाहिए। साथ ही फेफड़ा संबंधी अन्य रोगियों को इस समय एहतियात बरतने की जरूरत होती है।
विज्ञापन

डा. राजेश सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल गाजीपुर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें