सालों से बहुप्रतिक्षित मंगई नदी पर पुल के निर्माण का सपना साकार हो रहा है। इलाहाबाद हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने रविवार को शिलान्यास और भूमि पूजन किया। अपने संबोधन में न्यायमूर्ति ने कहा कि जन सहयोग से ही समाज और राष्ट्र का बहु आयामी विकास संभव है। इस दिशा में क्षेत्र की ग्रामीण जनता ने ब्रह्मस्थान कयामपुर छावनी बलुआ मगई नदी पर अपना पक्का पुल निर्माण कराने का जो संकल्प लिया है इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है। अपने संबोधन में उन्होंने आगे कहा कि मुझे यह देखकर प्रसन्नता हो रही है कि जन कल्याणकारी कार्यक्रम में क्षेत्र की महिलाएं पुरुषों के साथ बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। यह दर्शाता है कि इस पुल निर्माण का महत्व क्षेत्रीय जनता की जीवनचर्या रोजी-रोटी, शिक्षा और स्वास्थ्य से गहरे रूप से जुड़ा हुआ है। अपना पुल के नामकरण की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह नाम बहुत ही खूबसूरत है और क्षेत्र की जनता की भावना के अनुरूप है। उन्होंने क्षेत्र की जनता से बच्चों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही एक ऐसी चीज है जिससे आप सभी अपना समग्र विकास कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश रसोइया संघ की संरक्षिका एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख चंदा यादव ने अध्यक्षता करते हुए अपना पुल निर्माण समिति को आश्वासन दिया कि वह 100 महिलाओं के साथ में पुल के निर्माण के लिए श्रमदान करेंगी। इस मौके पर डॉ संजय यादव ने अपना पुल निर्माण के लिए 51,000 रुपये का अंशदान दिया। क्षेत्र के कई प्रधानों एवं नागरिकों ने स्थानीय सहयोग की घोषणा किया। इस मौके पर रमाकांत यादव, दराशु राम, रमेश यादव, यदुवीर सिंह, प्रमोद यादव, लालजी सिंह, संतोष उपाध्याय, सूबेदार मेजर यादवेंद्र सिंह, गोरेलाल शर्मा, निर्मल राजभर, कालिका यादव, मुन्ना यादव, दरशु राम, रमेश, विजयशंकर, सुदामा, अवधबिहारी राजभर, निर्मल राजभर, विनय उपाध्याय आदि ने विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम के संयोजक कालिका यादव ने आभार प्रकट किया।