गाजीपुर। जिले में हेल्थ वेलनेस सेंटर निर्माण पर संक्रमण का ग्रहण लग चुका है। बीते मार्च तक पूरा होने वाले 206 सेंटर का कार्य अधर में लटका है। जबकि तैयार 106 में 95 का ही संचालन हो रहा है, वहीं 11 वेलनेस सेंटरों पर सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) की तैनाती न होने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को जांच एवं इलाज की सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, टायफाइड, मलेरिया, टीबी सहित विभिन्न संक्रामक बीमारियों की जांच की सुविधा के अलावा सामान्य बीमारियों के उपचार की सुविधा के लिए बीते तीन वर्षों पूर्व वेलनेस सेंटर स्थापित कराया जा रहा था। संक्रमण काल से पहले तैयार 106 सेंटरों में 95 पर 2020 में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की तैनाती कर किसी तरह संचालन शुरू कराया गया। जबकि 11 पर दो वर्ष बीत जाने के बाद भी सीएचओ की नियुक्ति नहीं हो पाई। ऐसे में उन क्षेत्र के ग्रामीणों को आज भी जांच एवं उपचार के लिए निजी चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है। जबकि 206 नए सेंटरों के निर्माण का कार्य भी कार्यदायी संस्था की ओर से शुरू कराया है, जिन्हें बीते 31 मार्च तक हैंडओवर करना था, लेकिन संक्रमण के चलते कार्य अधर में लटका है। एसीएओ डा. केके वर्मा ने बताया कि संक्रमण के चलते 206 नए हेल्थ वेलनेस सेंटर के निर्माण पर ग्रहण लग चुका है। जबकि बनकर तैयार 11 सेंटरों पर सीएचओ की तैनाती नहीं हो सकी। जल्द ही यहां भी तैनाती कर दी जाएगी।