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अफजाल और पप्पू यादव के मामलों की सुनवाई 28 को

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गाजीपुर। मजिस्ट्रेट शरद कुमार चौधरी की अदालत में विधि विरुद्ध जमाव व तोड़फोड़ के मामले में तत्कालीन विधायक व वर्तमान सांसद अफजाल अंसारी व अन्य के मामले में सोमवार को सुनवाई नहीं हुई। वहीं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शरद कुमार चौधरी की अदालत में बिहार के तत्कालीन सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव सहित आठ लोगों के विरुद्ध लंबित मामले में भी सुनवाई नहीं हुई । दोनों की मामलों में पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण गवाही के लिए 28 नवंबर की तिथि नियत की गई है।
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पहले मामले में अभियोजन के अनुसार 9 अगस्त 2001 को सपा के प्रदेश बंद कार्यक्रम के संबंध में तत्कालीन विधायक अफजाल अंसारी मंडी समिति से चार हजार लोगों के साथ जुलूस को लेकर तहसील पहुंचे और मुहम्मदाबाद एसडीएम के कार्यालय पहुंचे। सूचना पर तत्कालीन क्षेत्राधिकारी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन लोगों को करीब 12 बजे दिन में रोकने का प्रयास किया गया बावजूद इसके भी घुस गए।
दरवाजा खिड़की के शीशा बेंच आदि तोड़ने लगे। उनको गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया तो अफजाल अंसारी भीड़ में सम्मलित होकर सभा करने लगे। इस घटना के बाद पुलिस ने थाना मुहम्मदाबाद में अफजाल अंसारी सहित कुल नौ आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया और विवेचना उपरांत आरोप पत्र प्रेषित किया।
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वहीं दूसरे केस में सोमवार को बिहार के तत्कालीन सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव सहित आठ लोगों के विरुद्ध लंबित मामले में सोमवार को पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने से जिरह नहीं हुई। 8 नवंबर 1993 को दिन में 10:30 बजे मुहम्मदाबाद थाना इलाका शाहनिंदा चौराहे पर विधिविरुद्ध तरीके से भीड़ इक्टठा कर सार्वजनिक मार्ग को जाम कर नारे व फायरिंग कर चक्का जाम किया गया। जिसको रोकने गए तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक बीएन शर्मा के साथ हाथापाई हुई। जिस संबंध में थाना मुहम्मदाबाद में 127 लोगों को नामजद किया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया गया। इस मामले में अब 28 नवंबर को सुनवाई होगी।
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