गाजीपुर। मुख्तार अंसारी और उनके सहयोगियों पर एमपी-एमएलए कोर्ट में 23 साल पुराने मनोज राय हत्याकांड में पुलिस की चार्जशीट के बाद आरोप तय होने की कार्रवाई चल रही है। सोमवार को आरोप तय होना था, लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब अगली सुनवाई के लिए 30 नवंबर की तिथि तय की गई है। मालूम हो कि 15 जुलाई 2001 को उसरी चट्टी हत्याकांड हुआ था और उसी दिन मनोज राय की भी हत्या हुई थी। उस समय मनोज राय को भी मुख्तार अंसारी ने हमलावरों में शामिल बताते हुए मुकदमा दर्ज कराया थी। वहीं, मनोज राय के पिता ने अपने पुत्र की हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की चार्जशीट में मृतक मनोज राय के पिता ने मुख्तार अंसारी के साथ सरफराज मुन्नी, अफरोज, जफर चंदा के साथ दस लोगों को नामजद किया था। इनमें एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि दो अभियुक्त पहले सरकारी अभिलेखों में भगोड़ा घोषित किए जा चुके हैं। मनोज राय हत्याकांड में मुख्तार समेत सभी आरोपियों पर आरोप तय होने थे, लेकिन सरफराज मुन्नी ने अदालत में अपने को निर्दोष बताते हुए आरोप मुक्त करने और कार्रवाई के स्थगन के लिए आवेदन किया था। मामले में सोमवार को सुनवाई होनी थी लेकिन वकीलों के कारण अब अगली तिथि 30 नवंबर तिथि की गई है।