गाजीपुर। अब ग्रामीण इलाकों से उपचार के लिए मरीजों की संख्या जिला अस्पताल में बढ़ने लगी है। सर्दी, जुकाम एवं बुखार से पीड़ित रोजाना 70 से 80 मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में कोविड की जांच के बाद डॉक्टरों द्वारा जहां परामर्श देकर इलाज किया जा रहा है, वहीं गंभीर होने पर भर्ती किया जा रहा है। इसमें अधिकांश मरीज बुखार से पीड़ित पहुंच रहे हैं। गांवों में संक्रमण की रफ्तार तेज होने का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर सर्वे अभियान चलाकर ऐसे बीमार पीड़ित मरीजों की सूची तैयार की जा रही है, जिससे हल्का लक्षण दिखने पर तत्काल मेडिकल किट उपलब्ध कराया जा सके। इसके बावजूद करीब चार दिनों में ग्रामीण इलाकों से ऐसे मरीजों के पहुंचने से मेडिकल विभाग की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिख रही। सबसे चिंता की बात तो यह है कि ऐसे अधिकांश मरीज कोविड जांच में कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं। यही वजह रही कि संक्रमितों की संख्या में लगातार कमी आ रही थी। बीते 12 मई को एक बार फिर 300 से अधिक पॉजिटिव मरीज मिलने से एक बार फिर खतरा मंडराता दिख रहा है। हालांकि जिला अस्पताल के आपातकक्ष में तैनात डॉक्टरों द्वारा मरीजों के स्वास्थ्य का परीक्षण करने साथ उन्हें परामर्श दिया जा रहा है, जिससे मरीज की गंभीर स्थिति होने से पूर्व वह संक्रमण से बच सकें। इधर चिकित्सकों का कहना है कि दो से तीन दिनों से लगातार ग्रामीण इलाकों से अधिक मरीज आ रहे हैं। अगर सार्थक कदम नहीं उठाया गया तो ग्रामीण इलाकों में संक्रमण फैल सकता है, जिससे स्थिति काफी खराब हो सकती हैं। जिला अस्पताल के फिजीशियन डा. स्वतंत्र सिंह ने बताया कि ग्रामीण इलाकों से मरीजों के यहां आने की यह भी एक वजह हो सकती है कि अधिकांश सीएचसी-पीएचसी फिलहाल बंद चल रहे हैं। रोजाना आ रहे अधिकांश मरीजों में लक्षण काफी कम मिल रहा है।