फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खजूर से रोजा खोलना सुन्नत

विज्ञापन
विज्ञापन
बहरियाबाद। खजूर यूं तो सालभर बाजार में उपलब्ध रहता है, लेकिन रमजान के मुकद्दस महीने में इसकी महत्ता और खरीद-फरोख्त बढ़ जाती है। रमजान में इसकी खपत आठ से 10 गुना ज्यादा होती है। वजह इफ्तार में रोजेदार खजूर से ही रोजा खोलते हैं। इससे रोजा खोलना सुन्नत माना जाता है। पैगंबरे इस्लाम हजरत मुहम्मद को खजूर बेहद पसंद थे। वह प्राथमिकता के तौर पर खजूर से रोजा खोला करते थे। सुन्नत के कारण ही इफ्तार के समय दस्तरख्वान पर लजीज पकवानों के साथ रोजा खोलने के लिए खजूर भी रखा जाता है। हदीस में सेहरी और इफ्तार में खजूर के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। इस समय जिले में 100 से लेकर 2000 रुपये किलो तक में खजूर उपलब्ध है। परचून व्यवसायी राजा गुप्ता ने बताया कि इस समय उनके यहां 100 से 1000 रुपये किलो तक के खजूर हैं। स्वदेशी खजूर के साथ ही ईरान की खास खजूर, हरमनी खजूर, मबरूक खजूर, जसवा खजूर, मरियमी खजूर, इराक की क्राफ्ट खजूर, ओमान की फरहत खजूर, दुबई की गल्फ खजूर, सऊदी अरब की सगावी और बेस्ट खजूर आदि विभिन्न किस्म मौजूद है। मदीना की सबसे विशिष्ट खजूर ‘अजव-ए-आम’ महंगी होने के कारण आमतौर पर बाजारों में कम मिलती है। लोग अरब में रह रहे अपने इष्ट-मित्रों, रिश्तेदारों से फरमाइश कर इसे मंगाते हैं। वैद्यकीय दृष्टिकोण से पुराने जमाने से ही खजूर को औषधि माना गया है। यह भरपूर शारीरिक, मानसिक ताकत के लिए प्रकृति का अनमोल तोहफा है। इसके इस्तेमाल से शरीर में लाल रक्तकण में वृद्धि करता है। आंतों में कीड़े नहीं लगते। साथ ही कोलेस्ट्रोल भी नियंत्रित रखता है। खजूर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। अरब की अजवह नामक खजूर हृदय रोग के लिए फायदेमंद है। 100 ग्राम खजूर में 314 कैलोरीज, दो ग्राम प्रोटीन, 75 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, पांच ग्राम चिकनाई, सात ग्राम रेशा, 15 प्रतिशत पानी, दो प्रतिशत कैल्शियम, 120 मिलीग्राम आयरन, 5.7 फास्फोरस, 50 मिलीग्राम विटामिन सी और वृहद मात्रा में विटामिन बी काम्पलेक्स मौजूद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें