शादियाबाद स्थित राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में स्थापित योग वैलनेस सेंटर।
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गाजीपुर। वर्षों पुरानी विलुप्त हो रही चिकित्सा पद्धति को ‘योग वेलनेस सेंटर’ जिले में एक बार फिर पुनर्जीवित कर रहा है। एक ही छत के नीचे आयुर्वेद, होमियोपैथ व यूनानी विधा से जहां मरीजों का उपचार हो रहा है। वहीं योग का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा। तीन केंद्रों के सफल संचालन के बाद अब राजकीय आयुर्वेद अस्पताल ईशोपुर में चौथा योग केंद्र स्थापित करने की तैयारी चल रही है। सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत एक तरफ लोगों को पांच लाख तक के मुफ्त इलाज के लिए गोल्डन कार्ड से लैस किया तो गंभीर बीमारियों के उपचार को निजी अस्पतालों को संबंद्ध कर सुविधाएं प्रदान की। वहीं पुरानी चिकित्सा पद्धति की विधाओं को एक बार फिर से पुनर्जीवित करने व आमजनों को इससे लाभान्वित करने के लिए ‘योग वेलनेस सेंटर’ भी स्थापित कराए। ऐसी स्थिति में मरीज आयुर्वेद, होमियोपैथ व यूनानी पद्धति से उपचार तो कराए ही साथ ही साथ विकार से संबंधित योग का प्रशिक्षण ले सके। खास बात यह है कि यह सुविधा मरीजों को एक ही छत के नीचे आसानी से मिल रही है। जनपद में स्थापित तीन योग वेलनेस सेंटरों के सफल संचालन के बाद अब सैदपुर तहसील के ईशोपुर स्थित राजकीय आयुर्वेद अस्पताल में भी चौथा केंद्र स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा आनंद विद्यार्थी ने बताया कि योग वेलनेस सेंटर उन्हीं भवन में स्थापित कराए गए हैं, जहां होमियोपैथ, आयुर्वेद व यूनानी अस्पताल का संचालन स्वयं के भवनों में हो रहा है। मरीज दवाईयों के साथ योग का प्रशिक्षण भी ले रहे हैं।
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