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स्वास्थ्य विभाग ने कब्जे में ली गर्भवती की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट

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पीड़िता की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की बरामद
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चार दिनों से पुलिस सिर्फ विवेचना करने की ही अलाप रही राग
गर्भवती को मारने-पीटने से मृत बच्चा पैदा होने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। निजी अस्पताल कर्मियों द्वारा गर्भवती महिला को मारने-पीटने से मृत नवजात के पैदा होने के मामले में चार दिन से पुलिस सिर्फ विवेचना की बात कर रही है। बुधवार को भदौरा सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में अस्पताल पर पहुंची टीम ने पीड़िता की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट ली और अब ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट जुटाने में लगी हुई है।
जेके मेमोरियल अस्पताल का यह कोई नया मामला नहीं है। इससे पूर्व करीब पांच साल पहले भी इस अस्पताल में आपरेशन के दौरान एक प्रसूता की मौत के मामले की जांच स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की थी। पर राजनीतिक दवाब के चलते कुछ दिन बाद मामला फाइलों में कैद रह गया । इसके कुछ दिन बाद पुन: अस्पताल का संचालन शुरू हो गया।
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इधर, बीते 30 अक्तूबर को नगसर थाना क्षेत्र के गोहदा विशुनपुरा गांव निवासी अजय की गर्भवती पत्नी को मारने-पीटने और ढढनी सरकारी अस्पताल में मृत बच्चा पैदा होने के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया। पीड़ित की तहरीर पर बीते 31 अक्टूबर को पुलिस ने संचालिका सहित तीन के खिलाफ मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन विवेचना की बात कहकर अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी ह्रै।
इस संबंध में भदौरा सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. धनंजय आनंद ने बताया कि जेके मेमोरियल अस्पताल द्वारा बताया गया कि कोई गर्भवती महिला नहीं आई थी। जब एक निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र का रजिस्टर खंगाला गया तो वहां अस्पताल के द्वारा गर्भवती महिला के जांच की बात पुष्ट हुई है। अब ब्लड टेस्ट कहां कराया गया है, इसकी भी छानबीन की जा रही है। जल्द ही रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। जमानिया सीओ विजय आनंद शाही ने बताया कि इस मामले में अभी विवेचना चल रही है।
अवैध अस्पताल सील, मुकदमा दर्ज का निर्देश
दुल्लहपुर। थाना क्षेत्र के स्थानीय बाजार के बरनवाल गली में काफी दिनों से एक प्रशिक्षण केंद्र की आड़ में चल रहे अवैध अस्पताल का स्थानीय प्रशासन ने बुधवार को भंडाफोड़ किया। अस्पताल को सील करने के साथ संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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जखनिया एसडीएम आशुतोष श्रीवास्तव के नेतृत्व सीएचसी प्रभारी डा.योगेंद्र यादव, एसओ शैलेश मिश्रा ने ओम साई अस्पताल पर छापा मारा। टीम के पहुंचने से पहले ही संचालक फरार हो गया। टीम को वहां आपरेशन थियेटर, ओपीडी, बेड सहित चिकित्सकीय अन्य सामान भी मिले। एसडीएम ने आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि इसकी शिकायत मिली थी। यहां फर्जी अस्पताल चल रहा है। संचालक फरार हो गया है। अस्पताल को सील कर दिया गया है। सीएचसी प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए।
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