गाजीपुर। सीएमओ डाॅ. एसके पांडेय ने बताया कि झोलाछाप, अवैध अस्पताल पर कार्रवाई के निर्देश क्रम में सोमवार को सुभाखरपुर के अधीक्षक ने रौजा स्थित निजी अस्पताल और कासिमाबाद सीएचसी अधीक्षक ने बहादुरगंज स्थित एक क्लीनिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। यह कार्रवाई मेटरनल डेथ ऑडिट के बाद की गई है। सीएमओ ने बताया कि किसी भी गर्भवती महिला के गर्भ में बच्चा हो अथवा प्रसव के दौरान या प्रसव के बाद 42 दिन में मौत हो जाती है तो विभाग की ओर से मेटरनल डेथ ऑडिट किया जाता है। इसी ऑडिट के दौरान तथ्य सामने आया कि बहादुरगंज निवासी साधना देवी की मौत 30 अगस्त को हुई थी। जांच में पता चला कि महिला साधना का प्रसव बहादुरगंज में क्लीनिक का संचालन कर रही राधिका देवी द्वारा प्रसव कराया गया था। प्रसव के दो- तीन घंटे में प्रसूता को घर भेज दिया गया था। जबकि 48 घंटे निगरानी में रखा जाता है। जबकि क्लीनिक का संचालन कर रही राधिका देवी के अस्पताल का पंजीकरण और डिग्री संबंधित कोई कागजात नहीं था। इस पर सख्त कार्रवाई करते हुए क्लीनिक संचालिका राधिका देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। सीएमओ ने बताया कि नगर के रौजा चंद्रशेखर नगर अस्पताल में बीते 28 अगस्त को एक प्रसूता का प्रसव आपरेशन से कराया गया था। स्थिति खराब होने पर चिकित्सक द्वारा हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था। जांच में यह मिला कि प्रसूता की उपचार के दौरान मऊ के किसी निजी अस्पताल में हो गई। इसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई सुभाखरपुर अधीक्षक ने की है।