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Ghazipur News: तूल पकड़ रहा प्रताड़ना का मामला, एआरएम के खिलाफ कर्मचारी लामबंद

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-रोडवेज कर्मी के पक्ष में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सौंपा पत्रक
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-एआरएम पर लगाया गंभीर आरोप, जांच कर न्याय की लगाई गुहार
-एआरएम ने दी तहरीर, खुद पर लगे आरोपों को बताया निराधार
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। रोडवेज डिपो में तैनात कनिष्ठ लिपिक द्वारा एमआरएम पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाने और खुदकुशी के प्रयास का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारियों ने डीएम को संबोधित पत्रक अतरिक्त एसडीएम को सौंपकर एआरएम पर गंभीर आरोप लगाया। साथ ही जांच कर न्याय की गुहार लगाते हुए एआरएम के स्थानांतरण की मांग की। दूसरी तरफ एआरएम ने मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस को तहरीर दी। साथ ही आरोपों को निराधार बताया।
जिलाध्यक्ष दुर्गेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में पीड़ित कनिष्ठ लिपिक दया पाल, अरविंद सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने पत्रक देकर आरोप लगाया कि एआरएम बीके पांडेय द्वारा किए जा रहे उत्पीड़नात्मक कार्रवाई से कर्मचारी आत्महत्या करने तक का प्रयास कर रहे हैं। आरोप लगाया कि एआरएम द्वारा अधीनस्थ कर्मचारियों को गाली-गलौज एवं अपशब्दों का प्रयोग किया जा रहा है। कहा कि इनके चलते ही कनिष्ठ लिपिक उमेश तिवारी हार्ट अटैक आने के चलते अस्पताल में भर्ती हैं।
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वहीं नियाज अहमद बीते पांच सितंबर को स्टेशन परिसर में ही हार्ट अटैक से मृत पाए गए। यहीं नहीं संविदा चालक अजय कुमार सिंह ने बीते सात सितंबर को कार्यशाला परिसर में खड़ी बस के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं कनिष्ठ लिपिक दया पाल को बीते 18 सितंबर को बस स्टेशन परिसर में यात्रियों के बीच गाली-गलौज एवं अपशब्द का प्रयोग कर मानसिक रुप से प्रताड़ित किए, जिससे कर्मचारी द्वारा आत्महत्या का प्रयास किया गया। पदाधिकारियों ने मांग किया कि पूरे मामले की जांच कर न्याय दिलाने के साथ ऐसे सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक का अन्यत्र स्थानांतरण किया जाए।
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इधर एआरएम बीके पांडेय ने बताया कि पुलिस को तहरीर दी गई है। परिषद द्वारा लगाए आरोप निराधार है। संविदा चालक के आत्महत्या के मामले में पुलिस द्वारा जांच चल रही है। नियाज अहमद शौचालय गए थे, जहां उनकी मौत हुई थी। वहीं उमेश तिवारी और दया पाल को जब काम करने की बात कहीं गई तो यह इस तरह रवैया अख्तियार कर रहे हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जिस व्यक्ति का यहां से स्थानांतरण हो गया है, वह यहां आकर राजनीति कर रहे हैं। सभी आरोप बेबुनियाद है। जांच में सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा।
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