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फंदे से लटकता मिला व्यक्ति का शव, सनसनी

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बहरियाबाद। थाना क्षेत्र के चकफरीद गांव के कुटिया स्थित कब्रिस्तान में शुक्रवार को एक पेड़ की टहनी में लगे फंदे से लटकता व्यक्ति का शव मिला। सूचना पर ग्रामीण जुट गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, ग्रामीणों में इस बात की चर्चा रही कि अन्यत्र हत्या कर शव पेड़ पर टांग दिया गया। कासिमाबाद कोतवाली के बहादुरगंज कस्बा निवासी कलाम कुरैशी (50) पांच वर्षों से चकफरीद गांव स्थित अपनी ससुराल में रहकर पशुओं के खरीदने और बेचने का काम करते थे। बीच-बीच में वह बहादुरगंज स्थित घर भी जाकर रहते थे। दस दिन पूर्व वह अपने घर चाचा के लड़के की शादी में शामिल होकर के वापस आए थे। तीन दिन पूर्व वह कही चले गए थे। 10 जून को साले मुस्तफा ने बहनोई कलाम कुरैशी की काफी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। सुबह खेत के तरफ जा रहे युवकों ने मुस्तफा कुरैशी के घर से लगभग 150 मीटर दूर कुटिया स्थित कब्रिस्तान में पेड़ की टहनी से फंदे से लटकता कलाम कुरैशी का शव देखा तो शोर मचाया। जिस पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। मुस्तफा कुरैशी ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि मुस्तफा की तहरीर पर आत्महत्या का मुकदमा दर्जकर कार्रवाई की जा रही है। उधर, लोगों में चर्चा रही कि कहीं अन्यत्र जगह हत्या कर शव को झाड़ी में लाकर जल्दबाजी में छोटे से पेड़ की डाल से लटका दिया गया है। जिस ढंग से शरीर का आधे से अधिक भाग जमीन पर पड़ा हुआ था वह कुछ और ही बयान कर रहा था।जबकि शेष भाग गले में लगे फंदे के सहारे पेड़ की डाली से लटका हुआ था। दोनों पैर और हाथ में तथा कमर के हिस्से में खरोंच के निशान से खून रिसा हुआ था। मूल रूप से बहादुरगंज कस्बा निवासी मृतक कलाम कुरैशी की शादी 10 वर्ष पूर्व चकफरीद निवासी मुस्तफा कुरैशी की गूंगी बहन आसमां बेगम से हुई थी। कलाम की यह दूसरी शादी थी। पहली पत्नी से तलाक के बाद पहली पत्नी और बच्चे बहादुरगंज में ही किराए के मकान में अलग रहते हैं। दूसरी पत्नी आसमां से कोई औलाद नहीं थी। मृतक ससुराल वाले घर में ही पत्नी के साथ रहकर अलग रहता था।
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