कासिमाबाद। सरकार मस्जिदों में अजान बंद कराने के निर्णय पर विचार करे। मस्जिदों में एक इमाम के साथ दो लोगों को अजान और नमाज पढ़ने की इजाजत मिलनी चाहिए। यह बातें पूर्व मंत्री एवं प्रगतिशील समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता शादाब फातिमा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग किया है। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा लॉकडाउन में उठाए गए कदमों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये महीना दुआओं की कुबूलियत का महीना है। पूरा विश्व कोरोना के खौफनाक साए में है। मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारा, चर्च सब लॉकडाउन में है। पूरी दुनिया कोरोना महामारी से युद्ध की तरह लड़ रही है। उम्मीद की एक किरण यह है कि संपूर्ण भारत एक साथ लॉकडाउन का पालन कर रहा है। हमें पूर्ण विश्वास है कि ये एकता ही हमें कोरोना पर विजय दिलाएगी। उन्होंने अपील करते हुए जनता से सरकार की गाइडलाइन का घर में रहकर पालन करने का अनुरोध किया। भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार मुवज्जिर, मस्जिद के ईमाम और एक व्यक्ति और मस्जिद से नमाज अदा करेंगे और बाकी सब लोग अपने घरों से नमाज अदा करेंगे। गाजीपुर में रमजान की पहली तारीख से शाम को मगरिब के वक्त मुवज्जिर एवं ईमाम को मस्जिद में जाने से रोक दिया गया। वहां नमाज नहीं की गई यह बेहद अफसोसनाक है। शादाब फातिमा ने कहा कि हमने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। इस बारे में मेरा प्रयास जारी है और हमें उम्मीद है कि प्रशासन इस पर उचित कार्रवाई करेगा।