गाजीपुर। पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज के गृह विज्ञान विभाग में बीए की छात्राओं ने स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत धूपबत्ती (इंसेंस स्टिक्स) बनाने का प्रशिक्षण लिया। उन्होंने प्राकृतिक सामग्री से धूपबत्ती तैयार की। प्राचार्य प्रोफेसर राघवेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि आज की शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाना हमारा लक्ष्य है। धूपबत्ती जैसे छोटे उद्योग से वह घर-घर में रोजगार पैदा कर सकती हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। विभागाध्यक्ष डॉ. शिप्रा श्रीवास्तव, डॉ. शिवानी सिंह और डॉ. भावना श्रीवास्तव ने छात्राओं को धूपबत्ती बनाने की तकनीक, बाजार मूल्यांकन और पैकेजिंग के बारे में मार्गदर्शन दिया। डॉ. शिप्रा ने बताया कि यह पहल छात्राओं की रचनात्मकता को बढ़ावा देगी और उन्हें उद्यमिता की ओर प्रेरित करेगी। इस कार्यक्रम से छात्राओं को स्किल डेवलपमेंट में कई लाभ मिलेंगे। सबसे पहले, वह व्यावहारिक कौशल सीखेंगी, जैसे सामग्री चयन, उत्पादन प्रक्रिया और विपणन, जो उन्हें नौकरी या स्वरोजगार के लिए तैयार करेगा। दूसरा, यह पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन पर जोर देता है, जो सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देगा। तीसरा, ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली छात्राओं के लिए यह घरेलू उद्योग की संभावनाएं खोलेगा, जहां वह कम निवेश में लाभ कमा सकती हैं। इससे बेरोजगारी कम होगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा। कुल मिलाकर, ऐसे प्रोग्राम शिक्षा को रोजगार से जोड़कर छात्राओं का समग्र विकास सुनिश्चित करते हैं। कॉलेज प्रशासन ने भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है।