शादियाबाद कस्बा स्थित प्राथमिक विद्यालय से बृहस्पतिवार को अपहृत कक्षा तीन की दस वर्षीय बालिका को शुक्रवार की सुबह जखनिया रेलवे स्टेशन से अपहरणकर्ता समेत पकड़ लिया गया। पुलिस ने अपहरणकर्ता राम रतन विश्वकर्मा निवासी मरदानपुर थाना भुड़कुड़ा को जेल भेज दिया। अपहरणकर्ता रिश्ते में बालिका का दूर का मामा लगता है।
अपहरणकर्ता का बालिका को अपहरण करने का उद्देश्य क्या था यह मालूम नहीं हो पाया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। कस्बा दयालपुर निवासी जोगिंदर विश्वकर्मा की दस वर्षीय पुत्री आकांक्षा कस्बा स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन में पढ़ती है। बृहस्पतिवार को अपहरणकर्ता राम रतन प्राथमीक विद्यालय शादियाबाद पहुंचा और उसने प्रधानाध्यापक मोहम्मद इस्लाम से कहा कि वह आकांक्षा का मामा है उसे कपड़ा दिलाना है। उसकी मां ने उसे बुलाया है ।
आकांक्षा द्वारा मामा बताने पर प्रधानाध्यापक ने अपने मोबाइल से उसकी फोटो खिंचकर उसे उसके साथ भेज दिया। इधर जब विद्यालय की छुट्टी होने पर आकांक्षा घर नहीं पहुंची तो घर वालों ने खोजबीन शुरू की व पुलिस को सूचना दी।
बालिका के अपहरण की सूचना पर पुलिस तुरंत हरकत में आई और अपहरणकर्ता की फोटो से पहचान कराई गई तो लोगों ने बताया कि यह तो अक्सर बालिका के घर आता जाता था। फिर क्या था पुलिस ने तुरंत उसकी फोटो सभी थानो पर सर्कुलेट कराई व सीओ भुड़कूड़ा रविन्द्र कुमार श्रीवास्तव खुद पुलिस फोर्स के साथ रातभर संबधित जगहों पर दबिश देकर बालिका को खोजते रहे सुबह मुखबिर से सूचना मिली।
अपहरणकर्ता बालिका को लेकर जखनिया रेलवे स्टेशन पर पहुंचा है वह ट्रेन का इंतजार कर रहा है। सूचना पर सीओ भुड़कुड़ा भारी पुलिस फोर्स के साथ जखनिया रेलवे स्टेशन पहुंच कर अपहरणकर्ता को पकड़ लिया। उसके पास से बालिका भी बरामद हो गई। बालिका को उसने बताया था कि तुम्हारी मां मऊ गई है हम लोगों को भी वहीं बुलाया है। आकांक्षा दो भाई बहनों में बड़ी है। अपहरणकर्ता राम रतन विश्वकर्मा उसकी मां पूनम का फुफेरा भाई है। थाना प्रभारी धनानंद त्रिपाठी ने बताया की आरोपी युवक के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है। अपहरणकर्ता युवक ने बालिका की मां द्वारा किए गए किसी अपमान का बदला लेने के लिए ऐसा कदम उठाया। पुलिस ने आरोपी युवक को जेल भेज दिया है।