दिव्यांग व्यक्तियों को सरकार कई प्रकार की सुविधाएं प्रदान करने जा रही है। सरकार ने उनके लिए यूडीआईडी कार्ड बनवाने का निर्देश जारी किया हुआ है। जनपद में जिसकी स्थिति बड़ी दयनीय है। जिले में अभी तक 13098 दिव्यांग ही अपना यूडीआईडी कार्ड बनवा सके हैं। जबकि जानकारी के अभाव में शेष दिव्यांगजन कार्ड बनवाने के लिए सीएमओ आफिस ही नहीं पहुंच सके हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जिनका यूडीआईडी कार्ड नहीं बना है। वे पेंशन के अलावा अन्य सरकारी लाभ पाने से भी वंचित हो जाएंगे। जिले में कुल 20098 दिव्यांग लाभार्थी हैं। इन सभी का प्रमाण प्रशासन ने आनलाईन कराने का निर्देश दिया था। इसी के साथ ही उन्हें यूडीआईडी कार्ड जारी किया जाना था। विभागीय अधिकारियों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने टीम गठित कर तहसीलवार दिव्यांगों का यूडीआईडी कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें अभी तक 13098 दिव्यांगों का यूडीआईडी कार्ड बनाया जा चुका है। वहीं 7000 दिव्यांग अपना यूडीआईडी कार्ड बनवाने पहुंचे ही नहीं। जबकि विभाग की ओर से इन सभी को जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि यूडीआईडी कार्ड नहीं बनवाने वालों की पेंशन के अलावा उन्हें मिलने वाली सारी सरकारी सुविधाएं रोक दी जाएंगी। जबकि यह कार्ड बन जाने से उन्हे हर जगह दिव्यांगता प्रमाण पत्र लेकर नहीं घूमना पड़ेगा। उनकी अलग से डिजिटल पहचान होगी। कार्ड के लिए आवश्यक दस्तावेज में आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण और स्थाई निवास प्रमाण पत्र होना जरूरी है।
अभी तक 13098 दिव्यांगों का यूडीआईडी कार्ड बनाया जा चुका है। जागरूकता के अभाव में यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए कम लोग ही पहुंच रहे हैं। इसके लिए सभी दिव्यांगों को जागरूक किया जा रहा है। -नरेंद्र विश्वकर्मा, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी, गाजीपुर
यूडीआईडी बनने से मिलने वाला लाभ
गाजीपुर। यूडी आईडी कार्ड बनने के बाद दिव्यांग जनों को दस्तावेजों की कई प्रतियां बनाकर हर समय अपने पास रखने की जरूरत समाप्त हो जाएगी। यह कार्ड सभी आवश्यक विवरणों को कैप्चर करेगा। जो कि एका रीडर की मदद से डिकोड किया जा सकता है। भविष्य में किसी योजना का लाभ उठाने के लिए इस कार्ड को सत्यापन के एकल दस्तावेज के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसका प्रयोग निशुल्क बस यात्रा के दौरान भी किया जा सकता है।