शहर के शास्त्रीनगर स्थित मकान परिसर में घुसा बाढ़ का पानी। संवाद
गाजीपुर। बीते कई दिनों से उफना रही गंगा का जलस्तर बुधवार को स्थिर रहा। शाम पांच बजे जलस्तर 63.770 मीटर दर्ज किया गया। हालांंकि अभी भी गंगा खतरा बिंदु से ऊपर प्रवाहित हो रही है। यह जानकारी आपदा विभाग के अशोक राय ने दी। उधर, सैदपुर तहसील क्षेत्र के करीब 250 बीघा मैदान में बाढ़ का पानी फैला हुआ है। 80 बीघा फसल जलमग्न होने से धान, बाजरा के साथ ही सब्जी की खेती प्रभावित है। बाढ़ के कहर से पशुओं के चारा को लेकर लोगों के सामने संकट उत्पन्न हो गया है। वहीं, भांवरकोल क्षेत्र के वीरपुर गंगा नदी से निकले भागण नाले से पानी अब संबंधित गांवों की तरफ फैल रहा है। औड़िहार क्षेत्र में 250 बीघा के मैदान में बाढ़ का पानी पूरी तरह से पसरा हुआ है। वहीं, दूसरी तरफ 80 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। गंगा किनारे के क्षेत्र में विशेष रूप से प्रभावित होने वाले गांवोंं में हथौड़ा, पटना, गोपालपुर, शादी-भादी, औड़िहार खुर्द, जौहरगंज, सैदपुर, फुलवारी, फुलवारी कला, देवचंदपुर, चकेरी आदि हैं। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होने वालों में लगभग 1500 आम लोग तथा 700 किसान शामिल हैं। पिछली बार की तुलना में इस बार प्रशासन के स्तर पर किसी भी गांव में कोई सहायता नहीं पहुंची है। समस्या की वजह से जानवरों के चारे को लेकर लोगों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से वीरपुर गंगा नदी से निकले भागण नाले से पानी अब धीरे-धीरे गांव की तरफ बढ़कर फैलना शुरू हो गया है। भागण नाले से धर्मपुरा, फिरोजपुर, पचासी, सतर चारों ओर से घिर गया है। आने-जाने के लिए धर्मपुरा के पास नाव लगी है। इन गावों में जैसे-जैसे पानी बढ़ रहा है बोई गई फसलें डूबती जा रही हैं। आपदा विशेषज्ञ अशोक राय ने बताया कि जलस्तर 63.770 मीटर दर्ज किया गया। बुधवार की शाम 5 बजे नदी का जलस्तर स्थिर था।