जिले के बारा में गंगा से लिए सभी सैंपलों की आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आई है। हालांकि गंगाजल में हानिकारक बैक्टीरिया मिले हैं और पानी में आक्सीजन की कमी भी मिली है। राहत की बात यह है कि इसका जलीय जीवों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान लखनऊ ने बीते माह दो फेज में गंगाजल का सैंपल लेकर जांच की थी। जिले की सीमा पर बारा और बिहार के चौसा के बीच से भी जल का सैंपल जांच के लिए लिया गया था। जांच के बाद इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी गई है। मालूम हो कि गंगा में बहते शवों के बाद से गंगा नदी की स्वच्छता पर सवाल खड़े हो गए थे, जिसको लेकर नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा ने यूपी-बिहार के पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और आईआईटीआर लखनऊ को गंगाजल की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। पहले फेज में 24 मई से छह जून तक सैंपल लिए गए। दूसरे फेज की सैंपलिग 10 जून से 21 जून के बीच पूरी हुई। इसके बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार हुई। इस संबंध में आईआईटीआर के प्रभारी निदेशक प्रोफेसर एसके बारिक ने बताया कि गंगा नदी की आरटीपीसीआर तो निगेटिव रही, लेकिन कुछ फिजिको केमिकल पैरामीटर्स मानक से ज्यादा पाए गए हैं।