बाढ़ के पानी में डूबे रामपुर मार्ग से होकर निकलते लोग। संवाद
गाजीपुर। गंगा का जलस्तर 63.890 मीटर पर स्थिर है। बृहस्पतिवार की सुबह 10 बजे से जलस्तर स्थिर होना शुरू हुआ जो शुक्रवार की रात आठ बजे तक स्थिर रहा। प्रभावित इलाकों में बाढ़ का पानी फैला है। बाढ़ से जिले में 350 बीघा से अधिक खेत जलमग्न है। इसमें 100 बीघा खेत धान व चरी भी शामिल है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक मेडिकल कैंप नहीं लगाया जा सका है। इससे बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को संक्रामक बीमारियों की चपेट में आने का डर सता रहा है। साथ ही गर्भवती महिलाओं व प्रसूताओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण का दौर शुरू हो गया है। सदर एसडीएम मनोज पाठक ने करंडा क्षेत्र महाबलपुर, तुलसीपुर, शेरपुर, लखंचदपुर आदि गांवों का नाव से निरीक्षण किया। बाढ़ से दो और गांवों का संपर्क टूट गया है। इस तरह से संपर्क टूटने वाले गांवों की संख्या पांच हो गई है। इनमें हसनपुरा, नसीरपुर, वीरऊपुर, रामपुर व अठहठा शामिल है। गहमर : नगदीलपुर, वीरऊपुर व हसनपुरा गांव के पास रेवतीपुर-गहमर बाईपास मार्ग पर डेढ़ किमी के दायरे में 6 फीट तक बाढ़ का पानी है। नगदीपुर के पास वीरऊपुर-हसनपुरा गांव के ग्रामीणों के लिए प्रशासन की ओर से दो नावों की व्यवस्था की गई है। दोनों गांवों की आबादी करीब पांच हजार है। नगदीलपुर, वीरऊपुर व हसनपुरा के मुख्य मार्ग पर पांच फीट तक पानी जमा है। 200 बीघा खाली खेत जलमग्न है। उपजिलाधिकारी सेवराई संजय यादव व तहसीलदार सुनील कुमार सिंह ने बाढ़ से प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। रेवतीपुर : हसनपुरा, नसीरपुर, रामपुर, वीरउपुर, अठहठा का संपर्क पूरी तरह से कट गया है। इन गांवों के लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। कल्याणपुर, नरायनपुर, आदि गावों के सिवान मे बाढ़ का पानी पसरा हुआ है। बाढ के पानी से इलाके के करीब 6 संपर्क मार्ग डूबे हुए हैं। औड़िहार : क्षेत्र में 250 बीघा खेत में पानी पसरा है। इसमें 100 बीघा खेत फसल वाला है। धान, चरी, कड़बा की फसल को नुकसान पहुंचा है। कई झोपड़ियां जलमग्न हो चुकी हैं। क्षेत्र के पटना, हथौड़ा, शादीभादी, जौहरगंज, सैदपुर, औड़िहार, फुलवारी खुर्द, फुलवारी कला, देवचंदपुर, चकेरी,रामपुर मांझा आदि गांवों में ढाई हजार लोग प्रभावित हैं। जमानिया : उपजिलाधिकारी ज्योति चौरसिया ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना।