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Ghazipur News: खतरा बिंदु के करीब पहुंची गंगा, दो गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, 200 बीघा फसल जलमग्न

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गाजीपुर। गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ाव देखा जा रहा है। रविवार को नदी का जलस्तर जनपद में खतरा बिंदु के करीब पहुंच गया है। रेवतीपुर क्षेत्र के दो गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। इससे लगभग तीन हजार की आबादी प्रभावित है। वहीं आधा दर्जन गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। जबकि खेतों में बाढ़ का पानी पसरने के कारण रेवतीपुर व औड़िहार क्षेत्र में लगभग 200 बीघा सब्जी, चरी, बाजारा, ज्वार, मक्का, उरद, मूंग, तिल की खेती प्रभावित हुई है।
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केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 62.700 मीटर दर्ज किया गया। प्रति घंटे पांच सेमी गंगा के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई। जबकि दोपहर पांच बजे गंगा का जलस्तर 62.930 मीटर दर्ज किया गया। बढ़ाव प्रति घंटे तीन सेमी दर्ज किया गया। जबकि खतरा बिंदु 63.105 मीटर है। बीते 24 घंटे में गंगा घाटाें की सीढि़यां पूरी तरह से डूब चुकी हैं। रेवतीपुर क्षेत्र के हसनपुरा व वीरऊपुर गांव में बाढ़ का पानी घुस चुका है। दोनों गांवों की आबादी लगभग तीन हजार है। जबकि रेवतीपुर क्षेत्र के नसीरपुर, अठहठा, परमानंदपुर, दुल्लहपुर आदि गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। इस इलाके में बड़े पैमाने पर सब्जी व पशुओं के चारे के लिए चरी की खेती होती है। बाढ़ का पानी पसरने के कारण लगभग 100 बीघा के दायरे में सब्जी व चरी की खेती प्रभावित है। रेवतीपुर क्षेत्र में कुल 15 बाढ़ चौकियां प्रशासन की ओर से बनाई गई हैं। वहीं गंगा में उफान को देखते हुए रेवतीपुर स्थित नेहरू विद्यापीठ इंटर काॅलेज व नौली इंटर काॅलेज पर बाढ़ राहत कार्यालय को सक्रिय कर दिया गया है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि अगले 24 घंटे में बाढ़ का पानी पूरी तरह से रेवतीपुर-गहमर बाईपास मार्ग पर पसर जाएगा।

एसडीएम ने किया निरीक्षण, कर्मचारियों की छुट्टियां रद
गाजीपुर। सेवराई तहसील के एसडीएम संजय यादव ने रेवतीपुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों नगदीलपुर, परमानंदपुर, नसीरपुर, अठहठा, हसनपुरा, वीरऊपुर आदि गांवों का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि प्रयागराज में गंगा का पानी स्थिर हो गया है। इसके बावजूद प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। कोई भी समस्या होने पर क्षेत्रीय लेखपाल से ग्रामीण संपर्क कर सकते हैं। सभी कर्मचारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। उनकी छुट्टियों को रद कर दिया गया है। बाढ़ चौकियों पर लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है।
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वर्ष 2019 से अब तक उच्चतम जल स्तर
वर्ष -गंगा का उच्च जलस्तर
2019-64.530
2021-64.680
2022-64.390
2023-61.700
100 बीघा बाजारा, ज्वार, मक्का, उरद व तिल की खेती प्रभावित
औड़िहार। क्षेत्र में गंगा व गोमती के जलस्तर में वृद्धि होने के कारण क्षेत्र में लगभग 100 बीघा में सब्जी के साथ बाजारा, ज्वार, मक्का, उरद व तिल की खेती प्रभावित हुई है। पटना, सूरजभान चक में गंगा किनारे रेत पर नेनुआ, करेला, भिंडी, परवल आदि की खेती की जाती है। पानी बढ़ने के कारण ये सब्जियां डूब गई हैं। जबकि कुसही, खरौना, पटना, सिधौना, सूरजभान चक,शादी भादी,औड़िहार, रामतवक्का, जोहरगंज कोल्हुवाटोला ,आरजीगंज, मलहियाटोला, गाय घाट, फुलवारी टोडरपुर, धरवा, दुबैठा रामपुर माझा, बंतरिया, मंझरिया आदि गांवों के तटवर्ती इलाकों के खेत में बाजारा, ज्वार, मक्का, उरद व तिल की खेती होती है।
कटान जारी, एक बीघा भूमि गंगा में समाई
भांवरकोल। गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान जारी है। शेरपुर मौजा मुबारकपुर से लेकर गहमर सिवान तक कटान जारी है। कटान के कारण एक बीघा भूमि गंगा में समा गई। इससे ग्रामीण चिंतित हैं। वीरपुर के पास भांगड़ नाले में गंगा का पानी उफनाने लगा है। भांगड़ नाले के जरिए ही फिरोजपुर, धर्मपुरा व वीरपुर गांव में बाढ़ का पानी पसरता है। वहीं वीरपुर गांव के पास आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था की गई है।
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