गंगा के उफान पर होने से ग्रामीण क्षेत्रों के साथ अब शहरी इलाकों में भी परेशानी बढ़ने लगी है। सबसे अधिक परेशानी सेवराई, जमानिया, मुहम्मदाबाद और सैदपुर तहसील क्षेत्र में है। अब शहर में बंधवा इलाके में पानी घुस गया है। इसके अलावा कलेक्टर घाट, ददरीघाट, नवांपुरा घाट की सीढ़ियां भी डूब गई हैं। ऐसे में आस-पास मुहल्ले के लोगों में धुकधुकी बढ़ी हुई है।
रेवतीपुर ब्लॉक के आठ मार्ग पूरी तरह बंद होने से एक दर्जन गांवों में आवागमन बंद हो गया है। रविवार को दिनभर जलस्तर में एक से दो सेमी प्रतिघंटे की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 63.950 मीटर था वो बढ़कर दोपहर दो बजे 64.100 मीटर पहुंच गया। वहीं, गंगा में पानी छोड़े जाने से अभी लगातार जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने की आशंका है।
रेवतीपुर से तिलवां, रामपुर, नदलीलपुर, हसनपुरा, वीरउपुर, नसीरपुर, दुल्लहपुर और टौंगा को जाने वाली संपर्क मार्ग जलमग्न है। ऐसे में इन तटवर्ती गांवों से पशुपालकों का पलायन शुरू हो गया है। पिछले दो दिनों के भीतर रेवतीपुर बगीचे में 200 से अधिक पशुओं के साथ 35 से 40 पशुपालक डेरा जमा चुके हैं। यहां भोजन और आवास की सुविधा नहीं है। साथ एक-दो दिन का ही भूसा बचा है। जबकि गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने से स्थिति भयावह होने की आशंका है। जिला प्रशासन लोगों को लगातार तटवर्ती इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने अपील कर रहा है।
बारा संवाददाता के अनुसार, सेवराई तहसील के बारा के रौजा मुहल्ला में पानी घुसने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गंगा मैदानी क्षेत्रों को अपने चपेट में लेने के साथ अब रिहायशी बस्तियों की ओर तेजी से बढ़ रही है। इसी क्रम में ग्राम बारा के रौजा मोहल्ला तक बाढ़ का पानी घुस चुका है। इसके कारण गांव के कु छ भागों का अन्य से संपर्क कट गया है। अगर जल स्तर में वृद्धि इसी तरह जारी रहा तो गांव दो भागों में कभी भी बंट सकता है। अब तक कोई प्रशासनिक अधिकारी गांव का दौरा करने नहीं पहुंचा है।
खानपुर संवाददाता के अनुसार, गोमती नदी में बढ़ रहे जलस्तर से क्षेत्र के गौरहट गांव चारों तरफ से घिर गया है। ग्रामीणों के लिए नाव का ही सहारा है। जब की तेतारपुर गांव का मुख्य मार्ग पर पानी आ चुका है। मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी सैदपुर ओमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांव गौरी तेतारपुर बहुरा भुजाड़ी पटना खरौना का निरीक्षण किया। अभी किसी के घर में पानी घुसने की सूचना नहीं है। गौरहट गांव चारों तरफ से घिर गया हैं। यहां के लिए सात नावें लगा दी गई है।