रेवतीपुर से करहिया गांव को जाने वाले मार्ग पर फैले बाढ़ के पानी से होकर निकलते लोग। संवाद
गाजीपुर। जनपद में तीसरी बार बाढ़ की दस्तक हो चुकी है। 2 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा का जलस्तर 63.320 मीटर दर्ज किया गया। वहीं गंगा में बाढ़ आने के कारण रेवतीपुर-गहमर बाईपास मार्ग पर आवागमन बंद हो गया है। जबकि तीन गांवों अठहठा, वीरऊपुर व हसनपुरा गांव का संपर्क कट चुका है। इन गांवों के मुख्य मार्ग पर तीन फीट तक पानी पसर गया है। गंगा खतरा बिंदु 63.105 मीटर को पार कर चुकी है।यह जानकारी आपदा विभाग के विशेषज्ञ अशोक कुमार राय ने दी। उन्होंने बताया कि 7 सितंबर को गंगा का जलस्तर 62.750 मीटर दर्ज किया गया। गंगा में प्रति घंटे 2 सेमी बढ़ाव था। नगर के गंगा घाट ददरीघाट, कलक्टर घाट, चीतनाथ, रामघाट, अंजनी घाट, खिड़की घाट, रामेश्वरम घाट की अधिकांश सीढि़यां फिर से जलमग्न हो चुकी हैं। औड़िहार स्थित वाराह गंगा घाट डूब गया है। तीसरी बार जिले में बाढ़ आने से तटवर्तियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों के पशु पालक चारे की किल्लत से जूझ रहे हैं। रेवतीपुर : क्षेत्र में गंगा तबाही मचाने की ओर है। बाढ़ का पानी तटवर्ती इलाकों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। 200 बीघा क्षेत्रफल का इलाका जलमग्न हो चुका है। जिसके कारण खेतों में बोई गई विभिन्न तरह की फसलें व चारा डूब गया है। बाढ़ के पानी से रेवतीपुर-गहमर बाइपास मार्ग पर आवागमन बंद हो चुका है। बाईपास मार्ग पर 5 फीट तक पानी पसरा हुआ है। हसनपुरा, वीरऊपुर, अठहठा गांव की ओर जाने वाला मार्ग भी बाढ़ की चपेट में आ चुका है। इसके कारण आवागमन अवरूद्ध हो गया है। अभी तक प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था नहीं की गई है। बाढ़ का पानी ताडीघाट-बारा एनएच 124 सी के दोनों तरफ पहुंच गया है। बाढ़ के पानी से इलाके के मंदिर, आंगनबाड़ी केंद्र, रिहायशी झोपड़ियां घिर चुकी हैं। औड़िहार: गंगा के बाढ़ से वाराह घाट स्थित निर्माणाधीन वृद्ध आश्रम में पानी घुस गया है। हथौड़ा, पटना, शादी-भादी, गोपालपुर, औड़िहार, जौहरगंज, सैदपुर, फुलवारी, फुलवारी कला, देवचंदपुर, चकेरी आदि गांवों के लगभग 100 बीघा खाली खेत में पानी पसर चुका है। पटना, गोपालपुर में धान, बाजरे और चरी के खेतों में पानी पहुंच चुका है। किनारे के गांव की लगभग 30 बीघा की फसल बाढ़ की चपेट में आ चुकी है।