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Ghazipur News: नौ सेंटीमीटर प्रतिघंटे बढ़ाव की गंगा ने पकड़ी रफ्तार, सैकड़ाें बीघा फसल जलमग्न

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ऐहतियातन कुछ इलाकों में गंगा में नहाने, मछली पकड़ने, नौकायन पर लगी रोक
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चेतावनी बिंदु से एक मीटर दूर हैं जलस्तर, खतरा बढ़ा, लोगों की बढ़ी धुकधुकी
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जनपद में गंगा नदी का पानी तेजी से बढ़ने लगा है। सोमवार की सुबह से गंगा का जलस्तर अचानक 9 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ने लगा है। जबकि जलस्तर रविवार को तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था, वही, शनिवार को इसकी गति दो सेंटीमीटर प्रति घंटा थी। इस तरह वर्तमान समय में नदी का जलस्तर 60.540 मीटर पहुंच गया है, जो अब चेतावनी बिंदु से 1.01 मीटर ही दूर है। वहीं, कई ननिचले इलाकोें में सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है।
करंडाः गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने से निचले क्षेत्रों में पानी भरना शुरू हो गया है। सोमवार तक करंडा के गंगबरार क्षेत्रों की परवल की लगभग 100 बीघा फसल डूब गई, जिससे तुलसीपुर निवासी रामप्यारे बिंद, सुरेंद्र बिंद, राधेश्याम बिंद और प्यारे बिंद आदि किसानों की सैकड़ाें वीघा फसल जलमग्न हो गई है। इसमें कई बीघा परवल की फसल डूबकर नष्ट हो गई।
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पिछले कुछ वर्षों से गंगा में बाढ़ से दीनापुर, नौदर, गोशंदेपुर, रामनाथपुर, करंडा, प्रताप पुर, मानिकपुर, मैनपुर, कोटे, महाबलपुर, गद्दोगाड़ा, शेरपुर, तुलसीपुर, पुरैना, सरैयां में काफी फसलें बर्बाद होती रही हैं। इस वर्ष भी बाढ़ आई तो इन गांवों की लगभग 2500 एकड़ सब्जी की फसल बर्बाद हो जाएगी।
औड़िहारः पटना, गोपालपुर, कुसही, खरौना, हथौड़ा सहित कई गांव के किसानों धुकधुकी की बढ़ गई है। वजह तटवर्ती इलाके के खेतों में लगाई गई सब्जियां जलमग्न होना शुरू हो गई हैं। मौधाः औड़िहार के वराह धाम में मोक्षदायिनी गंगा, आदित्य घाट के ऊपरी हिस्से पर स्थापित भगवान शिव व माता पार्वती के चरण पखारने की स्थिति में आ गईं। आदित्य घाट की 54 में 51 सीढ़ियां जलमग्न हो गई हैं।
रेवतीपुरः कामाख्या धाम मंदिर के समीप स्थित नाले से गंगा का पानी होते हुए नसीरपुर गांव के समीप पहुंच चुका है। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने तटवर्ती गांव के लोगों को आपदा मित्र और राजस्व कर्मियों के द्वारा गंगा नदी में नहाने और नौकायन मछली पकड़ने के सभी पर रोक लगा दी गई है।
तहसीलदार मजिस्ट्रेट सैदपुर अभिषेक कुमार ने बताया की गंगा का पानी ख़तरे के निशान से नीचे हैं। फिर भी सुरक्षा की दृष्टि से गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती गांव पटना गोपालपुर कुसही खरौना हथौड़ा के लोगों को मछली पकड़ने नहाने और गंगा नदी में नौकायन पर रोक लगा। बाढ़ चौकियों को आपदा मित्रों और राजस्व कर्मियों को सक्रिय किया कर बाढ़ की निगरानी किया जा रहा है।
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जल स्तर की स्थिति
-गंगा का जलस्तर 60.540 मीटर l
-2022 बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.390
-2021 बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.680 मीटर l
-2019 बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.530 मीटर l -
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बाढ़ की स्थिति का मापदंड
61.550 मीटर, चेतावनी बिंदु
63.105 मीटर, खतरा बिंदु
65.220 मीटर, उ.बा .स्तर
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गंगा नदी का जलस्तर तेजी से चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ रहा है। जलस्तर पर लगातार नजर है। सभी एसडीएम और तहसीलदार तटवर्ती इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर चुके हैं।- अरुण कुमार सिंह, एडीएम
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