पूर्व मध्य रेलवे दानापुर के द्वारा अतिप्राचीन ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन को बंद करने की तैयारी की भनक लगते ही सोमवार को आक्रोशित ग्रामीणों, दुकानदारों और ऑटो चालकों ने स्टेशन पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी। साथ ही रेल प्रबंधक को संबोधित ज्ञापन उप स्टेशन प्रबंधक सुजीत कुमार को सौंपा। मालूम हो कि सोनवल में नये रेलवे स्टेशन के चालू होते ही महकमा इस ताड़ीघाट स्टेशन को हमेशा के लिए बंद करने की योजना बना रहा है।
वहीं उप स्टेशन प्रबंधक ने लोगों को आश्वासन दिया कि उनके द्वारा दिए गए ज्ञापन को महकमे के आलाधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा। तब जाकर प्रदर्शनकारी शांत हुए। लोगों ने मांगें पूरी न होने पर रेल चक्काजाम से लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। इस मौके पर पूर्व प्रधान दीपक सिंह ने कहा कि यह स्टेशन जिले के पुराने स्टेशनों में शुमार है। इसका निर्माण 1880 में किया गया।
इस स्टेशन के जरिए सैकड़ों दुकानदार, टेंपो संचालकों के परिवार की आजीविका चलती हैं। इसे बंद करने से इन सभी के समक्ष बेरोजगारी और आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। वहीं सुखवीर सिंह ने कहा कि स्टेशन को बंद किए जाने की किसी भी कोशिश का पुरजोर तरीके से विरोध होगा। ट्रेन से प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होने के साथ ही सैकड़ों लोगों की आजीविका इसी स्टेशन से चलती है।
लोगों ने बताया कि इस स्टेशन पर महान संत स्वामी विवेकानंद से लेकर नोबेल पुरस्कार विजेता रविन्द्र नाथ टैगोर तक प्रवास कर चुके हैं। इस अवसर पर मान सिंह, गोलू, अनिल, रमेश, धर्मेंद्र, रमेश, यशवीर, विजेन्द्र आदि दर्जनों लोग मौजूद रहे।