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पुलिस की निगरानी में शवों का हुआ अंतिम संस्कार

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जमानियां मतसा। कोतवाली क्षेत्र के मंझरिया गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क हादसे में हुई तीन महिलाओं की मौत के दूसरे दिन शनिवार को भी गांव में मातम पसरा रहा। गांव से एक साथ तीन अर्थियां उठी और पुलिस की निगरानी में उनका अंतिम संस्कार जिला मुख्यालय स्थित श्मशान घाट पर किया गया। अब तक शासन-प्रशासन की ओर से मृतक के परिजनों को कोई सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश कायम है। लोगों का कहना है कि हादसे के बाद तत्काल आर्थिक राहत पहुंचाने का काम शासन व प्रशासन को करना चाहिए।गाजीपुर-जमानिया- सैय्यदराजा मार्ग पर मंझरिया गांव के पास पुरूषोत्तम मास के अंतिम दिन शुक्रवार को गांव की महिलाएं झुंझ में स्नान करने के लिए निकली थीं। एनएच की पटरी पर बेकाबू ट्रक ने तीन महिलाओं को कुचलते हुए कुल सात महिलाओं को जख्मी कर दिया था। तीन महिलाओं की तो मौके पर ही मौत हो गई थी। मृत महिलाओं का पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। पीड़ित परिजन व ग्रामीणों ने मिलकर उनका अंतिम संस्कार किया। अंतिम संस्कार में घाट पर पूरा गांव जुटा हुआ था। पुलिस प्रशासन की देखरेख में सबकुछ संपन्न हो गया। उधर हादसे के दूसरे दिन भी गांव में मातमी सन्नाटा छाया हुआ था। लोगों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले। मृतकों के घर में रूदन-क्रंदन जारी है। उधर सड़क हादसे के बाद मतसा प्रधान प्रतिनिधि रजनिश यादव ने पीड़ित परिजनों को आर्थिक सहायता दी और चेताया कि अगर सौंपे गए ज्ञापन के सापेक्ष मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तो एक सप्ताह बाद मृतक के परिवार संग धरना प्रदर्शन किया जाएगा। परिवार गरीब और असहाय है, लेकिन प्रशासन सहायता करने बजाए कागजी लिखा पढ़ी में व्यस्त है। इस संबंध में देवरियां चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि एतिहात के तौर पर ट्रकों पर नजर रखी जा रही है। तेज रफ्तार आ रही ट्रकों को रोककर चालकों कड़ी हिदायत देकर छोड़ा जा रहा है।
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