- अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने सभी को 11-11 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
-हत्या के प्रयास का मामला, इस दौरान पांच आरोपियों की हो चुकी है मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम चन्द्रप्रकाश तिवारी की अदालत ने शुक्रवार को हत्या के प्रयास के मामले में 37 साल बाद तीन सगे भाइयों सहित चार लोगों को 5-5 साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही सभी को 11-11 हजार रुपये अर्थदंड से लगाया है।
अभियोजन के अनुसार रेवतीपुर निवासी राधेश्याम राय ने 17 मई 1986 को तहरीर दी थी । आरोप लगाया कि जमीनी विवाद को लेकर गांव के ही राजेन्द राय, बृजकिशोर राय, शिवनारायण राय व सुरेंद्र राय लाठियों से लैस होकर विवादित जमीन पर कब्जा करने पहुंचे और मारने पीटने लगे। इस दौरान सुभाष राय गिरजा राय, विसंभर राय, गुड्डू राय व लालबहादुर राय सभी लोगों ने मारा पीटा।
साथ ही राजेंद्र राय, बृजकिशोर राय, शिवनारायण राय व सुरेंद्र राय ने राधेश्याम राय की दो मड़ई फूंक दी। इससे उसमें रखा सभी सामान जलकर राख हो गया। वादी की सूचना पर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने विवेचना के उपरांत आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
दौरान विचारण आरोपी राजेंद्र राय, बृजकिशोर राय, धिरजा राय, विसंभर राय, सुरेंद्र राय की मौत हो गई। शेष कार्यवाही अभियोजन की तरफ से शुरू हुई और सहायक शासकीय अधिवक्ता जयप्रकाश सिंह ने कुल 6 गवाहों को पेश किया। गवाहों ने घटना का समर्थन किया।
अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बात सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी सगे भाई सुभाष राय, शिव नारायन राय, लालबहादुर राय और गुड्डू राय को 5-5 साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही सभी को 11-11 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। वही, क्रास केस आरोपी अमरनाथ, शिवशंकर ,तारकेश्वर राय, सुरेश राय ,राजेश राय, गुप्तेश्वर राय, रामानन्द राय व भगवान राय को प्रोबेशन पर रिहा किया गया।